नमामि गंगे योजना के अंतर्गत गुनिया नदी के पुनरुत्थान, सौंदर्यीकरण, बोट क्लब विकास एवं भूजल आवर्धन परियोजना
इंद्र की उंगली से अमृत की धारा फूट पड़ी। ‘माम’ और ‘धाता’ शब्दों के मेल से ही उस बालक का नाम ‘मान्धाता’ पड़ा।
MP , राजगढ़ के ब्यावरा में बारातियों से भरी बस पलटी: तीन की मौत व 26 घायल, आठ की हालत नाजुक; खुशियां मातम में बदली