केन बेतवा नदी परियोजना में विस्थापित ग्रामीणों का गुस्सा फूटा अधिकारी चप्पल छोड़कर भागे
द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
पन्ना 10 अप्रैल 2026
केन-बेतवा नदी परियोजना पर बवाल, छतरपुर में ‘चिता आंदोलन’ उग्र हुआ प्रशासन को पीछे हट कर भागना पड़ा
आदिवासियों के हक की लड़ाई बनी जन आंदोलन, चेतावनी के बीच तेज हुआ संघर्ष
आदिवासियों के अधिकारों को लेकर चल रहा आंदोलन अब जन आंदोलन का रूप ले चुका है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यह सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई है, जो अब व्यापक जन समर्थन के साथ आगे बढ़ रही है।
उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि यदि आंदोलन को कुचलने या दमन करने का प्रयास किया गया, तो इसके परिणाम और भी उग्र हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन को आगाह करते हुए कहा कि जब तक विस्थापितों को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं और किसान शामिल हो रहे हैं, जिससे इसकी ताकत और प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्र में आंदोलन को लेकर माहौल गर्म होता जा रहा है और प्रशासन पर दबाव भी बढ़ रहा है।









