13 साल बाद गुना में ऐतिहासिक मंगल प्रवेश: मुनि पुंगव सुधासागर महाराज के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब
गुना। जैनाचार्य विद्यासागर महाराज के शिष्य, राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री सुधासागर महाराज ससंघ का 13 वर्षों बाद गुना आगमन पूरे शहर के लिए एक ऐतिहासिक और अविस्मरणीय क्षण बन गया। उनके मंगल प्रवेश को लेकर गुना नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। शहर के प्रमुख मार्गों पर हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने इस धार्मिक आयोजन को भव्यता प्रदान की।
दिव्य घोष, शंखनाद और पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
बुधवार सुबह कैंट क्षेत्र से प्रारंभ हुआ विशाल चल समारोह बीजी रोड स्थित नसियांजी तक पहुंचा। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जयघोष करते हुए मुनिश्री का स्वागत किया। हनुमान चौराहे पर विशेष आयोजन के दौरान क्रेनों के माध्यम से पुष्पवर्षा और रंग-बिरंगे गुब्बारों की बारिश की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
हर समाज ने किया स्वागत, धर्ममय बना शहर
मुनिश्री के आगमन पर जैन समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने जगह-जगह स्वागत मंच बनाकर वंदन-अभिनंदन किया। नगर पालिका अध्यक्ष सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने मुनिश्री के चरणों में नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रद्धालुओं के उत्साह ने रचा इतिहास
मुनि पुंगव सुधासागर महाराज के दर्शन के लिए गुना ही नहीं, आसपास के जिलों और प्रदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे नगर में धार्मिक उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं का कहना था कि 13 वर्षों बाद मिला यह अवसर उनके जीवन का सौभाग्यपूर्ण क्षण है।
मुनि पुंगव सुधासागर महाराज का यह मंगल प्रवेश गुना के धार्मिक इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। ✍️
विक्रम सिंह तोमर
प्रधान संपादक, द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क








