गुना में ढाबों और होटलों पर बिना लाइसेंस के अवैध रूप से शराब परोसे जाने और बेचे जाने की समस्या के संबंध में हालिया रिपोर्टें और कानूनी जानकारी निम्नलिखित है:
हालिया घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई
• आबकारी विभाग की छापेमारी: हाल ही में दिसंबर 2025 और फरवरी 2026 में गुना आबकारी विभाग ने शहर के कई होटलों और ढाबों पर दबिश दी है। कार्रवाई के दौरान बिना लाइसेंस शराब पिलाने वाले संचालकों के विरुद्ध मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 36(A) और 36(B) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
• अधिकारियों पर गाज: अप्रैल 2026 में प्रशासनिक लापरवाही और राजस्व लक्ष्यों की पूर्ति न होने के कारण गुना-अशोकनगर के जिला आबकारी अधिकारी को निलंबित भी किया गया है।
• बड़ी बरामदगी: गुना पुलिस ने हाल ही में राजस्थान से तस्करी कर लाई गई अवैध शराब को फलों के जूस के कार्टन में छिपाकर ले जाते हुए पकड़ा है।
अवैध शराब के खिलाफ कानूनी प्रावधान
अवैध शराब बेचने या सार्वजनिक स्थानों पर पिलाने पर कड़ी सजा का प्रावधान है:
• सजा और जुर्माना: मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अवैध शराब के मामलों में 1 से 3 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। यदि शराब जहरीली पाई जाती है, तो उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
• अहाता नियमों का उल्लंघन: शासन के निर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों या ढाबों पर बिना अनुमति शराब पिलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
शिकायत कहाँ और कैसे करें?
यदि आप अपने क्षेत्र में खुलेआम चल रहे इस अवैध कारोबार की शिकायत करना चाहते हैं, तो आप इन माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं:
1. आबकारी विभाग शिकायत केंद्र: आप ग्वालियर स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 0755-2700800 पर संपर्क कर सकते हैं।
2. एमपी पुलिस सिटीजन पोर्टल: मध्य प्रदेश पुलिस के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लिखित शिकायत दर्ज की जा सकती है।
3. डायल 100/112: तत्काल कार्रवाई के लिए पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें।
4. सूचना का अधिकार (RTI): आप RTI के माध्यम से संबंधित ढाबों या होटलों के लाइसेंस की स्थिति के बारे में जानकारी मांग सकते हैं, जिससे प्रशासन पर दबाव बनता है।









