मंडी में अव्यवस्था पर सख्ती: अब रास्तों पर नहीं लगेगा अनाज का ढेर, नियम तोड़ने पर लाइसेंस रद्द तक की कार्रवाई
द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क
प्रधान संपादक: विक्रम सिंह तोमर
गुना | 28 जुलाई 2026

मध्य प्रदेश सरकार ने कृषि उपज मंडियों में व्यवस्था सुधारने और किसानों की आवाजाही को आसान बनाने के उद्देश्य से कृषि उपज मंडी नियम, 2009 में महत्वपूर्ण संशोधन लागू किए हैं। नए नियमों के तहत अब मंडी परिसर की सड़कों, गलियारों और सार्वजनिक स्थानों पर अनाज का ढेर लगाकर रास्ता रोकने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यापारियों और लाइसेंसधारकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण भी शामिल है।
सरकार का कहना है कि कई मंडियों में व्यापारियों द्वारा सड़कों पर अनाज रखने से किसानों, मजदूरों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती थी। नई व्यवस्था का उद्देश्य मंडी परिसर को जाममुक्त, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
नए प्रावधानों के अनुसार मंडी की दुकानों, गोदामों और भूखंडों का उपयोग केवल कृषि व्यापार और उससे संबंधित गतिविधियों के लिए ही किया जा सकेगा। किसी भी प्रकार के अन्य व्यावसायिक उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। साथ ही दुकान, गोदाम या भूखंडों के आवंटन और नवीनीकरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ई-नीलामी प्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी।
मंडी प्रशासन को नियमों के प्रभावी पालन और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के अधिकार दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से मंडियों में पारदर्शिता बढ़ेगी, किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और कृषि व्यापार अधिक व्यवस्थित होगा।
मुख्य बातें
मंडी की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर अनाज रखने पर रोक।
किसानों की आवाजाही बाधित करने वालों पर सख्त कार्रवाई।
नियम उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण संभव।
दुकान, गोदाम और भूखंडों का उपयोग केवल कृषि व्यापार के लिए।
ई-नीलामी से आवंटन प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी।
मंडियों में जाम और अव्यवस्था कम होने की उम्मीद।






