कब्रिस्तान से अपनी बहन की लाश खोदकर कंधे पर इसका ढांचा रखकर बैंक पहुंच आदिवासी

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ओडिशा के केओनझर जिले में जीतु मुंडा नाम का आदमी रहता है। उसकी बड़ी बहन कलरा मुंडा की बीमारी से मौत हो गई, करीब 3 महीने पहले।

 

बहन के नाम पर ओडिशा ग्रामीण बैंक में करीब 20 हजार रुपए जमा थे, जो उसने मवेशी बेचकर कमाए थे।

 

जीतु कई बार बैंक गया और बताया कि बहन मर चुकी है, लेकिन बैंक वाले बार बार कहते रहे कि अकाउंट होल्डर को खुद लेकर आओ

 

जीतु अनपढ़ आदिवासी है, उसे डेथ सर्टिफिकेट, नॉमिनी और लीगल प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। नॉमिनी भी पहले मर चुका था, इसलिए वही अकेला हकदार था, फिर भी बैंक ने कोई मदद नहीं की।

 

27 अप्रैल को मजबूरी में जीतु कब्रिस्तान गया। बहन की कब्र खोदी, हड्डियों को निकाला और कपड़े में बांध लिया।

 

कंधे पर रखकर करीब 3 किलोमीटर पैदल बाजार से होते हुए बैंक पहुंचा। वह नंगे पैर, लुंगी पहने, कंधे पर गट्ठर लिए चलता दिख रहा है।

 

बैंक के बरामदे में उसने हड्डियों का गट्ठर रख दिया। यह देख कर कर्मचारी घबरा गए, लोग इकट्ठा हो गए और अफरा तफरी मच गई।

 

इसके बाद पुलिस पहुंची, प्रशासन और बैंक अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। जीतु को भरोसा दिया गया कि वह sole heir है, इसलिए उसके पैसे जल्द दिलाए जाएंगे।

 

कई बार बैंक की कठिन व्यवस्था से इंसान परेशान हो जाता है तो ऐसे कदम उठा लेता है

Vikram singh tomar
Author: Vikram singh tomar

DWARKA NEWS NATIONAL NETWORK

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