प्रसिद्ध पर्यावरणविद और शिक्षाविद सोनम वांगचुक वर्तमान में दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठे हैं।
यह अनशन 28 जून से शुरू हुआ था और इसका नेतृत्व छात्रों और युवाओं के एक समूह (CJP) द्वारा किया जा रहा है।
सोनम वांगचुक के अनशन की मुख्य माँगें:
• शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: केंद्र सरकार से परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं (पेपर लीक) को रोकने में विफल रहने के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
• छात्रों को मुआवजा: परीक्षा संबंधी घोटालों और विवादों के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों के लिए ₹1 करोड़ के मुआवजे की मांग।
सोनम वांगचुक की सेहत पर अपडेट:
• लंबे समय तक उपवास के कारण उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है।
• उनका वजन 8.2 किलोग्राम से अधिक कम हो गया है और उनके शरीर में शुगर का स्तर भी खतरनाक रूप से गिर गया है।
• डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है और देश भर के कई राजनेता उनसे अनशन वापस लेने की अपील कर चुके हैं।







