रूह अफ़ज़ा पर टिप्पणीः हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव को लगाई फटकार
प्रमुख संपादक विक्रम सिंह तोमर
जिला संवाददाता राजीव विजय वर्गीय
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को योग गुरु रामदेव की उस टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने हमदर्द के रूह अफ़ज़ा को लेकर \”शरबत जिहाद\” जैसा शब्द इस्तेमाल किया था.
जस्टिस अमित बंसल हमदर्द फ़ाउंडेशन की उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जो रामदेव की कंपनी पतंजलि फूड्स लिमिटेड के ख़िलाफ़ दायर की गई है.
जस्टिस बंसल ने रामदेव के वकील से कहा, “यह टिप्पणी कोर्ट की अंतरात्मा को झकझोरती है. आप अपने मुवक्किल से निर्देश लें, वरना हम सख़्त आदेश देंगे.”
कोर्ट के इस निर्देश पर पंतजलि ने कहा है कि वह रामदेव की ‘शरबत जिहाद’ वाली टिप्पणी और उससे जुड़े वीडियो और विज्ञापनों को हटा देगा या उनमें बदलाव करेगा.
पतंजलि की ओर से पेश हुए वकील राजीव नायर ने कहा कि वे किसी भी धर्म के ख़िलाफ़ नहीं हैं और वे विवादित वीडियो और विज्ञापन हटाने के लिए तैयार हैं.
उन्होंने कहा कि वो वीडियो/विज्ञापनों को तुरंत हटा देंगे और पांच दिनों के अंदर हलफ़नामा दायर करेंगे.
इस मामले की अगली सुनवाई 1 मई को होगी.









