MP के पांढुर्णा जिले में गोटमार मेले में पत्थरों की बौछार से मचा हड़कंप, 1300 घायल
8 गंभीर घायलों को नागपुर रेफर किया गया, हर साल दो गांवों के बीच होता है अनोखा गोटमार मेला
पांढुर्णा | द्वारका न्यूज़ | प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
12 सितंबर 2026
मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले में आयोजित पारंपरिक गोटमार मेले के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दो गांवों के लोगों ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थरों की बौछार कर दी। इस घटना में करीब 1300 लोगों के घायल होने की खबर है, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। गंभीर घायलों को उपचार के लिए नागपुर रेफर किया गया है।
गोटमार मेला पांढुर्णा में हर वर्ष आयोजित होने वाली एक पुरानी और अनोखी परंपरा है। मेले के दौरान नदी के दोनों किनारों पर दो गांवों के लोग आमने-सामने होते हैं और एक-दूसरे पर पत्थर बरसाते हैं। इस दौरान बीच में लगाए गए झंडे को उखाड़ने की कोशिश की जाती है और झंडा उखाड़े जाने तक पत्थरबाजी चलती रहती है। बाद में झंडे को मां चंडिका को अर्पित किए जाने की परंपरा बताई जाती है।
लैला-मजनू की लोककथा से भी जोड़ी जाती है परंपरा
गोटमार मेले की उत्पत्ति को लेकर स्थानीय स्तर पर एक लोककथा भी प्रचलित है। मान्यता के अनुसार, इस क्षेत्र की नदी में प्रेमी-प्रेमिका के साथ पत्थरबाजी की घटना हुई थी, जिसे लोग लैला-मजनू की कथा से जोड़ते हैं। हालांकि, इस मान्यता का ऐतिहासिक प्रमाण अलग विषय है। इसी लोकविश्वास और पुरानी परंपरा के कारण गोटमार मेले में आज भी पत्थरबाजी की रस्म निभाई जाती है।
हर साल इस आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में लोग घायल होते हैं, जिसके चलते मेले में सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठते रहे हैं।







