📰 भोपाल रिटायर्ड IAS हत्याकांड: लूट या सुपारी किलिंग?

केयरटेकर ने नौकरी के दूसरे ही दिन रेत दिया गला, जेवर-नकदी के साथ मोबाइल लेकर फरार; पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया
भोपाल | 2 अक्टूबर 2026 | द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक — विक्रम सिंह तोमर
राजधानी भोपाल में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस की जांच अब महज लूटपाट तक सीमित नहीं रही है। पुलिस सुपारी किलिंग/कॉन्ट्रेक्ट किलिंग की आशंका समेत मृतक के पुराने वित्तीय विवादों और संपर्कों की गहराई से पड़ताल कर रही है। हत्या के बाद लाखों रुपये के जेवर, नकदी और मोबाइल फोन लेकर फरार हुआ केयरटेकर वरुण कुमार अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
बीना से आगरा पहुंचा आरोपी, दोस्त हिरासत में
पुलिस जांच के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी पहले बीना पहुंचा, जहां उसने कुछ समय के लिए मृतक का मोबाइल फोन चालू किया। इसके बाद वह उत्तर प्रदेश के आगरा पहुंच गया। आगरा में आरोपी का एक परिचित रहता है, जिसके साथ वह पहले काम कर चुका था। पुलिस ने आरोपी के दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी के पुराने संपर्कों और नेटवर्क की भी जानकारी जुटा रही है।
एक करोड़ रुपये के पुराने विवाद ने बढ़ाए सवाल
जांच में राकेश अग्रवाल के करीब एक करोड़ रुपये के कथित वित्तीय विवाद की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार अग्रवाल ने लगभग 11 माह पहले परिचित अजीत पाटनी के खिलाफ क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि कंपनी में निवेश और बेहतर रिटर्न का झांसा देकर किस्तों में करीब एक करोड़ रुपये लिए गए। पुलिस ने अक्टूबर 2025 में अजीत पाटनी को गिरफ्तार किया था। मामला वर्तमान में अदालत में विचाराधीन बताया गया है।
पुलिस अब इस मामले से जुड़े दस्तावेज, संभावित गवाही और अन्य लोगों की भूमिका की भी नए सिरे से जांच कर रही है। इसके अलावा मृतक के अन्य वित्तीय लेनदेन भी खंगाले जा रहे हैं।
नौकरी के सिर्फ दो दिन बाद हत्या ने खड़े किए सवाल
पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि वरुण ने राकेश अग्रवाल के यहां हत्या से महज दो दिन पहले ही केयरटेकर की नौकरी शुरू की थी। इसके तुरंत बाद हत्या कर जेवर, नकदी और मोबाइल लेकर फरार होना कई बिंदुओं की जांच की ओर इशारा करता है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी मृतक का मोबाइल अपने साथ क्यों ले गया। क्या फोन में ऐसा कोई डेटा था, जो किसी व्यक्ति या विवाद से जुड़ा हो सकता था? इसी दिशा में पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और आरोपी के संपर्कों को खंगाल रही है।
> 🔎 जांच के प्रमुख सवाल
• हत्या का मकसद सिर्फ लूट था या कोई और वजह?
• एक करोड़ रुपये के पुराने विवाद का हत्या से कोई संबंध है?
• आरोपी ने मोबाइल फोन अपने साथ क्यों लिया?
• हत्या से पहले आरोपी को किसी ने निर्देश दिए थे?
• आरोपी के पुराने संपर्क और नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं?
मुख्यमंत्री ने जताया दुख
सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी की हत्या की घटना पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी दुख व्यक्त किया है। पुलिस आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। फिलहाल सुपारी किलिंग का एंगल जांच का हिस्सा है, लेकिन पुलिस की जांच पूरी होने तक हत्या के वास्तविक मकसद पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
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प्रधान संपादक — विक्रम सिंह तोमर







