गुना में सेवा ज्योति यात्रा के दौरान यू टूबर के साथ मारपीट का मामला: चार दिन बाद FIR दर्ज, रघुवीर धाकड़ ने दो लोगों पर लगाए आरोप
मोबाइल तोड़ने, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप; सिटी *कोतवाली पुलिस ने शुरू की जांच
* 10 अक्टूबर 2026
गुना। भाजपा की सेवा संकल्प अभियान के तहत निकाली गई सेवा ज्योति कलश यात्रा के दौरान यूट्यूबर रघुवीर धाकड़ के साथ कथित मारपीट और मोबाइल तोड़ने के मामले में घटना के करीब चार दिन बाद गुना सिटी कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
यूट्यूबर रघुवीर धाकड़ ने बताया कि उनकी FIR लिखी नहीं हो रही थी इस संबंध में समाज सेवक विक्रम सिंह तोमर ने थाने जाकर उनकी रिपोर्ट लिखवाई
और मदद की पुलिस अधीक्षक मैडम थाना प्रभारी से मिलवाया
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296(ए) और 324(4) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है।
रैली के दौरान विवाद, वीडियो बनाने पर मारपीट का आरोप
एफआईआर में दर्ज शिकायत के अनुसार, घटना 7 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब एक बजे से डेढ़ बजे के बीच की बताई गई है। शिकायतकर्ता रघुवीर धाकड़ ने पुलिस को बताया कि हनुमान चौराहे पर सेवा ज्योति यात्रा निकल रही थी। इस दौरान वह यात्रा का वीडियो बना रहे थे। इसी बीच एक व्यक्ति ने वीडियो बनाने को लेकर आपत्ति जताई और विवाद शुरू हो गया।
रघुवीर का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि उनके हाथ से मोबाइल छीनकर तोड़ दिया गया, जिससे करीब 20 हजार रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने मारपीट के दौरान चोट लगने और जान से मारने की धमकी दिए जाने की बात भी शिकायत में कही है।
दो लोगों पर लगाए आरोप
यूट्यूबर रघुवीर धाकड़ ने बी एल गुर्जर और बहादुर मीणा नाम के व्यक्तियों पर घटना में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। रघुवीर का कहना है कि घटना के समय यात्रा में शामिल कुछ कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट की थी। उन्होंने संबंधित लोगों को चाचौड़ा विधानसभा क्षेत्र की विधायक प्रियंका पेंची का कार्यकर्ता भी बताया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है और संबंधित पक्षों का बयान सामने आना शेष है।
मेडिकल के बाद पुलिस जांच शुरू
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, घटना की जानकारी 10 अक्टूबर 2026 को सिटी कोतवाली में दी गई, जिसके बाद शाम 3:35 बजे एफआईआर दर्ज की गई। शिकायतकर्ता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। मामले की जांच का जिम्मा कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रंजीत रघुवंशी को सौंपा गया है।
पुलिस अब शिकायतकर्ता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच करेगी। जांच के दौरान जिन व्यक्तियों के नाम और भूमिका सामने आएगी, उनके संबंध में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामला जांच में है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।







