शूर्पणखा की नाक काटने से सीता हरण तक, शास्त्री पार्क की रामलीला में जीवंत हुए रामायण के प्रसंग
द्वारका न्यूज़ प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर 16 अक्टूबर 2026

खर-दूषण वध का हुआ भव्य मंचन, भाजपा जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार सहित अतिथियों ने की श्रीराम दरबार की आरती
गुना। सार्वजनिक नव कला मंडल एवं श्री रामलीला दशहरा महोत्सव समिति, शास्त्री पार्क के तत्वावधान में गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को आयोजित रामलीला में शूर्पणखा की नाक विच्छेद, खर-दूषण वध और माता सीता के हरण की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने दर्शकों को रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों से रूबरू कराया।
शूर्पणखा प्रसंग से सीता हरण तक का मंचन
रामलीला में दिखाया गया कि शूर्पणखा भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के समक्ष विवाह का प्रस्ताव लेकर पहुंचती है। प्रसंग के दौरान लक्ष्मण द्वारा शूर्पणखा की नाक काटने का दृश्य प्रस्तुत किया गया। अपमानित शूर्पणखा अपने भाइयों खर और दूषण के पास पहुंचती है। इसके बाद भगवान श्रीराम द्वारा खर-दूषण और उनकी राक्षस सेना का वध किया जाता है।
खर-दूषण के वध की सूचना मिलने पर रावण क्रोधित हो उठता है और प्रतिशोध लेने के लिए मारीच की सहायता से माता सीता के हरण की योजना बनाता है। स्वर्ण मृग के रूप में मारीच का पंचवटी पहुंचना, भगवान श्रीराम का उसके पीछे जाना, लक्ष्मण का कुटिया से बाहर निकलना और साधु का वेश धारण कर रावण द्वारा माता सीता का हरण करने के दृश्यों का सजीव मंचन किया गया।
इन प्रसंगों ने दर्शकों के बीच उत्सुकता और भक्ति का वातावरण बनाया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से धर्म, मर्यादा और अधर्म के परिणामों का संदेश दिया।
भाजपा जिला अध्यक्ष सहित अतिथियों ने की आरती
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार, महामंत्री टिल्लू रघुवंशी, मोहित नामदेव, जिला मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव और कल्पना श्रीवास्तव उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने भगवान श्रीराम दरबार की आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयघोष के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
महामंत्री अमित भार्गव ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में सार्वजनिक नव कला मंडल के महामंत्री अमित भार्गव ने मुख्य अतिथियों, समिति पदाधिकारियों, कलाकारों और रामलीला प्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और आदर्श जीवन मूल्यों की प्रतीक है। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म, मर्यादा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
समिति ने रामलीला के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों और श्रद्धालुओं का धन्यवाद किया।






