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अब शेयर बाजार में बिकेंगे मंदिरों के बांड! उज्जैन के 11 मंदिरों पर ₹1,124 करोड़ का दांव

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अब शेयर बाजार में बिकेंगे मंदिरों के बांड! उज्जैन के 11 मंदिरों पर ₹1,124 करोड़ का दांव

 

प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर 28 अक्टूबर 2026

₹1,124 करोड़ की विकास योजना तैयार, बैंक लोन और सरकारी सब्सिडी से भी होगा मंदिरों का कायाकल्प; धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

 

उज्जैन | द्वारका न्यूज़

 

मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में मंदिरों के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए निवेश का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है। इसके तहत शहर के 11 मंदिरों के विकास के लिए ₹200 करोड़ के टेंपल बांड जारी करने की तैयारी है। इन बांड की ऑनलाइन खरीद-बिक्री शेयर बाजार की तर्ज पर किए जाने की योजना है। इसे धार्मिक स्थलों के विकास के लिए देश का पहला ऐसा प्रयोग बताया जा रहा है।

 

₹1,124 करोड़ से बदलेगी मंदिरों की तस्वीर

 

उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने 11 मंदिरों के विकास के लिए कुल ₹1,124 करोड़ की कार्ययोजना बनाई है। इसका उद्देश्य मंदिरों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है। योजना के तहत निर्माण, सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

 

तीन स्रोतों से जुटेगी राशि

 

इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए वित्तीय संसाधन तीन प्रमुख माध्यमों से जुटाने की तैयारी है।

 

– ₹600 करोड़ का बैंक लोन: इसके लिए प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और संबंधित बैंक से स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई है।

– ₹200 करोड़ के टेंपल बांड: मंदिरों के नाम पर बांड जारी कर निवेश जुटाया जाएगा। इनकी कीमत और शर्तें तय होने के बाद ऑनलाइन खरीद-बिक्री शुरू करने की योजना है।

– ₹308 करोड़ की सरकारी ग्रांट/सब्सिडी: इसमें से ₹282 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है। शेष ₹26 करोड़ की राशि बांड जारी होने पर मिलने की जानकारी दी गई है।

 

पहले होगी मंदिरों की रेटिंग

 

टेंपल बांड जारी करने से पहले संबंधित मंदिरों की रेटिंग तय करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे। नियामकीय प्रक्रिया पूरी होने और बांड की कीमत व अन्य शर्तें निर्धारित होने के बाद ऑनलाइन ट्रेडिंग शुरू करने की योजना है।

 

इस मॉडल के जरिए मंदिरों के विकास के लिए निवेश जुटाने का नया रास्ता खुल सकता है। हालांकि, बांड में निवेश की शर्तें, जोखिम और संभावित प्रतिफल से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद ही निवेशकों की वास्तविक भागीदारी स्पष्ट होगी।

 

चार मंदिरों में काम शुरू

 

यूडीए अध्यक्ष रवि सोलंकी के अनुसार, योजना के लगभग 80 प्रतिशत वित्तीय और प्रक्रियागत कार्य पूरे हो चुके हैं। चार मंदिरों में विकास कार्य शुरू हो गए हैं, जबकि अन्य स्थलों पर निर्माण एजेंसियां तय करने की प्रक्रिया जारी है।

 

यदि योजना तय समय पर आगे बढ़ती है, तो उज्जैन के धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं और शहर में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है। टेंपल बांड का मॉडल सफल होने पर भविष्य में धार्मिक स्थलों के विकास के लिए वित्त जुटाने के नए विकल्प भी खुल सकते हैं।

Vikram singh tomar
Author: Vikram singh tomar

DWARKA NEWS NATIONAL NETWORK

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