(आषाढ़ी एकादशी) देवशयनी एकादशी 6 जुलाई 2025 को मनाई जाएगी: तिथि, अनुष्ठान और महत्व समझाया गया
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
आषाढ़ी एकादशी, जिसे देवशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है, 6 जुलाई 2025, रविवार को मनाई जाएगी। यह दिन भगवान विष्णु के चार महीने के दिव्य विश्राम की शुरुआत का प्रतीक है।
शयनी एकादशी या आषाढ़ी एकादशी कैसे मनाई जाती है
शयनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस पवित्र दिन पर पूरी रात भजन गाते हुए बिताई जाती है और भक्त उपवास रखते हैं।
इस दिन से भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए भक्त चातुर्मास व्रत या उपवास रखना शुरू करते हैं। शयनी एकादशी पर व्रत रखा जाता है। इस व्रत में सभी अनाज, फलियाँ, अनाज, प्याज़ जैसी कुछ सब्ज़ियाँ और कुछ मसालों से परहेज़ करना होता है।
शयनी एकादशी से चातुर्मास की शुरुआत होती है। इस दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए भक्त चातुर्मास व्रत या उपवास रखना शुरू करते हैं। शयनी एकादशी पर व्रत रखा जाता है। इस व्रत में सभी अनाज, फलियाँ, अनाज, प्याज़ जैसी कुछ सब्ज़ियाँ और कुछ मसालों से परहेज़ करना होता है।









