लोकसभा स्पीकर श्री ओम बिरला ने खुलासा किया कि 4 फरवरी को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को खतरा हो सकता था
द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, स्पीकर ओम बिरला ने प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी।
सूत्रों ने बताया कि यह विपक्षी सांसदों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों द्वारा जारी किए गए बयानों और मीडिया विज्ञप्तियों के विपरीत है, जिनमें आरोप लगाया गया था कि बिरला का बयान तथ्यों से रहित था और प्रधानमंत्री को कोई तत्काल खतरा नहीं था। “मामले को सही परिप्रेक्ष्य में समझने के लिए यह आवश्यक है कि माननीय अध्यक्ष द्वारा दिए गए उपरोक्त बयान को उस दिन सदन में हुई गंभीर और अभूतपूर्व अव्यवस्था के संदर्भ में देखा जाए। कार्यवाही शुरू होते ही सदन का माहौल तेजी से बिगड़ गया, जिससे सुरक्षा, मर्यादा और संसदीय कामकाज की गरिमा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गईं,” सूत्रों ने बताया
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब देने सदन में इसलिए नहीं आए, क्योंकि उन्हें संभावित अप्रिय घटना की पुख्ता जानकारी थी।
स्पीकर के मुताबिक कांग्रेस के कुछ सांसद प्रधानमंत्री के आसन तक पहुंचकर हंगामा कर सकते थे, जिससे लोकतांत्रिक परंपराओं को नुकसान हो सकता था।
इसी कारण श्री ओम बिड़ला ने प्रधानमंत्री को सदन में न आने की सलाह दी।
लोकसभा और स्पीकर चैंबर में हुए हंगामे के बाद कल राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि “मोहब्बत की दुकान चलाने वाले मोदी तेरी कब्र खुदेगी के नारे लगाते हैं”, जो विपक्ष की नफरत और हताशा को दर्शाता है।









