होली पर लगने वाले चंद्र ग्रहण को क्यों कहा जाता है *ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण*

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होली पर लगने वाले चंद्र ग्रहण को क्यों कहा जाता है *ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण*

द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क

प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर 

इस वर्ष होली की तारीख को लेकर चंद्र ग्रहण और भद्रा काल के कारण संशय है, इस वर्ष चंद्र ग्रहण 3 मार्च को दोपहर से शाम तक रहेगा, इसलिए रंगों की होली 4 मार्च को ही खेली जाएगी।

 

ग्रहण के कारण 3 मार्च को रंगोत्सव नहीं मनाया जा सकेगा। चंद्र ग्रहण भारत के कई हिस्सों में देखा जाएगा, विशेषकर पूर्वोत्तर राज्यों में।

 

विश्व के परिप्रेक्ष्य में चन्द्र ग्रहण भारतीय समयानुसार अपराह्न 3:20 बजे से प्रारंभ होगा, इसलिए भारत में ग्रहण का प्रारंभ और मध्यकाल दिखाई नहीं देगा।

 

भारत में यह ग्रहण शाम 6:00 बजे से 6:48 बजे तक दिखाई देगा और 6:48 बजे पर इसका मोक्ष होगा।

 

काशी की परंपरा में फाल्गुन मास की पूर्णिमा को होली मनाई जाती है और देश के अन्य भागों में चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा को होली होती है।

 

किंतु इस बार पूर्णिमा के दिन चन्द्र ग्रहण होने के कारण काशीवासी भी प्रतिपदा को ही होली मनाएंगे।

 

इस प्रकार लगभग 19 वर्ष बाद पूरा देश एक साथ होली मनाएगा।

 

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Vikram singh tomar
Author: Vikram singh tomar

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