आईजी डिफेंस ने भारत के स्वदेशी लंबी दूरी के स्ट्राइक ड्रोन ‘प्रोजेक्ट KAL’ का अनावरण किया
भारत का KAL प्रोजेक्ट… दुश्मनों पर कहर बरपाएगा शाहेद जैसा सुसाइड ड्रोन
भारत अब लंबी दूरी के हमलावर ड्रोन बना रहा है।
भारत अब दुनिया की उन देशों की सूची में शामिल हो रहा है जो लंबी दूरी तक हमला करने वाले ड्रोन बना रहे हैं. स्वदेशी डिफेंस कंपनी IG डिफेंस ने अपने नए प्रोजेक्ट KAL की पहली झलक दिखाई है. यह एक लंबी दूरी का सुसाइड ड्रोन है जो दुश्मन के इलाके में गहराई तक जाकर हमला कर सकता है. आजकल युद्ध में ऐसे ड्रोन बहुत महत्वपूर्ण हो गए हैं क्योंकि वे सस्ते होते हैं. बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
लंबी दूरी के वन-वे अटैक ड्रोन ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है क्योंकि वे काफ़ी कम कीमत पर ज़्यादा दूरी तक एक्सप्लोसिव पेलोड पहुंचा सकते हैं, जिससे आजकल की लड़ाइयों का तरीका बदल गया है।
ईरानी शाहेद-136 जैसे प्लेटफॉर्म ने दिखाया है कि कैसे कम कीमत वाले ड्रोन को बड़ी संख्या में इंफ्रास्ट्रक्चर और मिलिट्री एसेट्स को टारगेट करने के लिए तैनात किया जा सकता है। ये सिस्टम एयर डिफेंस नेटवर्क पर हावी हो सकते हैं, जिससे दुश्मनों को काफी महंगी इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसके चलते लागत में जो असंतुलन हुआ है, उसने हाई-इंटेंसिटी वाली लड़ाइयों में अनमैन्ड स्ट्राइक सिस्टम की बढ़ती ऑपरेशनल वैल्यू को हाईलाइट किया है।
इजरायल- ईरान युद्ध के दौरान जिन हथियारों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें दो आत्मघाती ड्रोन प्रमुख हैं. ईरान का ‘शाहेद-136’ और अमेरिका का ‘लुकास’ ड्रोन. पारंपरिक हथियारों की तुलना बेहद सस्ते ड्रोन जिस तरह की मारक क्षमता का प्रदर्शन कर रहे हैं, उससे दुनिया हैरान है. इसी तरह का ड्रोन तैयार करने में भारत भी पीछे नहीं है. भारत चुपचाप खुद अपने दम पर स्वदेशी शेषनाग-150 (Sheshnaag-150) ड्रोन बना रहा है.








