भारतीय स्टॉक मार्केट मार्च 2025 के बाद अपने सबसे बुरे लेवल पर आ गया है। सेंसेक्स में 3.2% या 2,495 पॉइंट्स की भारी गिरावट आई है, जबकि निफ्टी 50 में 3.07% या 752.65 पॉइंट्स की गिरावट आई है। इससे एक घंटे से भी कम समय में लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई। सभी इंडेक्स गहरे लाल निशान पर हैं, जबकि भारत का वोलैटिलिटी इंडेक्स लगभग 22% बढ़कर 24.49 के नए 52-हफ़्ते के हाई पर पहुँच गया है। वजह? कच्चा तेल $115 प्रति बैरल से ज़्यादा हो गया है, जिससे भारत समेत दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं की हालत और खराब हो गई है।
1 घंटे से भी कम समय में लगभग 13 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति डूब गई!
9 मार्च भारतीय स्टॉक मार्केट के निवेशकों के लिए ब्लैक मंडे साबित हुआ। BSE में लिस्टेड कंपनियों का टोटल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन तेज़ी से गिरकर 43,70,82,560.01 करोड़ रुपये पर पहुँच गया। इससे पिछले हफ़्ते 6 मार्च को रिकॉर्ड किए गए 44,968,260.81 करोड़ रुपये के मार्केट कैप की तुलना में 12,60,004.8 करोड़ रुपये की कमी आई।








