गुना अस्पताल के मुर्दाघर में जिंदा हुआ ‘शव’, मर्चुरी से नग्न अवस्था में बाहर निकल भागा युवक, नजारा देख कांप गए लोग
द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
गुना
मध्य प्रदेश
जिला अस्पताल के मुर्दाघर में जिंदा हुआ ‘शव’, मर्चुरी से नग्न अवस्था में बाहर भागा युवक, नजारा देख कांप गए लोग
मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल के मुर्दाघर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक शव टेबल पर जिंदा होकर बैठ गया। उसने कुछ पल तो इधर-उधर देखा और जैसे ही उसे समझ आया कि वह पीएम हाउस में है और उसे चीरफाड़ के लिए रखा गया है तो जान बचाने के लिए नग्न अवस्था में दौड़ लगा दी। जिसने भी यह दृश्य देखा उसकी रूह कांप गई…
गुना: मुर्दाघर में पोस्टमॉर्टम के लिए लाया गया एक शव अचानक उठकर खड़ा हो गया। कुछ पल उसने इधर-उधर देखा, एक नजर खुद पर डाली और अचानक नग्न अवस्था में उसने बाहर की तरफ दौड़ लगा दी। पीएम हाउस के आसपास मौजूद लोगों ने जब पीएम हाउस से नग्न अवस्था में एक युवक को बदहवास सा भागते देखा तो होश फाख्ता हो गए। बाद में युवक को संभाला गया। दरअसल सल्फास खाकर आए एक युवक को डॉक्टरों ने मृत घो
षित कर दिया था, जिसे पीएम के लिए भेज दिया था।
जानकारी अनुसार मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल में रूह कंपा देने वाला व हद से ज्यादा लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां डॉक्टरों ने एक 20 साल के युवक को मृत घोषित किया था। उसे पीएम के लिए जिला अस्पताल के पीएम हाउस में रखने के लिए भेज दिया था। घटना उस वक्त और भी सनसनीखेज हो गई, जब युवक को मर्चुरी की ठंडी मेज पर अचानक होश आ गया और वह खुद को नग्न अवस्था में पाकर, जान बचाने के लिए वहां से बाहर की ओर भागा। अस्पताल परिसर में एक कथित मृत व्यक्ति को जिंदा होकर भागते देख मरीजों और स्टाफ के बीच हडक़ंप मच गया और लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे।
पीएम हाउस ने शव को जिंदा होकर भागते देख हड़कंप मच गया जनता में अपरा तफरी फैल गई
जॉन पारदी नाम के व्यक्ति को पोस्टमॉर्टेम हाउस से बदहवास सा भागते देख आसपास मौजूद लोगों की रूह कांप गई। कुछ ही देर में उसके परिजन भी वहां पहुंच गए और उन्होंने उसे संभाला। पीड़ित युवक ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि, यदि उसे समय पर होश नहीं आता, तो शायद डॉक्टर उसे जीवित अवस्था में ही चीर-फाड़ कर मार देते। बेहद अमानवीय ओर गंभीर घटना ने जिला अस्पताल की जांच प्रक्रिया और डॉक्टरों की संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।








