गुना हवाला कांड में बड़ी कार्रवाई:CM मोहन यादव का सख्त एक्शन,
मुख्यमंत्री ने गुना SP अंकित सोनी को हटाया, थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी पहले ही हो चुके हैं सस्पेंड
द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
गुना | 22 मार्च, 2026
गुना जिले में नेशनल हाईवे पर एक करोड़ रुपये की नकद राशि पकड़ने और फिर ‘डील’ कर उसे छोड़ने के मामले ने प्रदेश की राजनीति और पुलिस महकमे में भूचाल ला दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले में कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए गुना पुलिस अधीक्षक (SP) अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक शिथिलता और अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चार पुलिसकर्मियों पर पहले ही गिरी गाज
इससे पूर्व, शनिवार-रविवार की दरमियानी रात ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी ने रूठियाई चौकी और धरनावदा थाने पहुंचकर मामले की गहन पड़ताल की थी। जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। सस्पेंड होने वालों में धरनावदा थाना प्रभारी एसआई प्रभात कटारे, रूठियाई चौकी प्रभारी एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार और आरक्षक सुंदर रमन शामिल हैं। डीआईजी ने माना कि 19 मार्च को वाहन चेकिंग के दौरान विधिसम्मत कार्रवाई नहीं की गई और पुलिसकर्मियों का आचरण संदेहास्पद रहा।
क्या था मामला: 20 लाख की ‘डील’ और ‘रिफंड’ की चर्चा
यह पूरा घटनाक्रम नेशनल हाईवे-46 पर गुजरात पासिंग स्कॉर्पियो को रोकने से शुरू हुआ था। वाहन से करीब 1 करोड़ रुपये बरामद हुए थे, जिसे नियमानुसार जब्त करने के बजाय पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये लेकर रफा-दफा कर दिया। चर्चा यह भी है कि गुजरात के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद यह राशि वापस (रिफंड) की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और उस व्यापारी की भी तलाश की जा रही है जिससे यह ‘सेटलमेंट’ किया गया था।
जवाबदेही होगी तय: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने साफ संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों में केवल निचले स्तर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि जिले के मुखिया की जवाबदेही भी तय की जाएगी। फिलहाल, गुना एसपी को हटाए जाने के बाद पूरे महकमे में हड़कंप व्याप्त है और विस्तृत जांच की आंच कई और अधिकारियों तक पहुँच सकती है।









