गुना न्यायालय परिसर में  बवाल: विजय रजक नामक युवक ने वकीलों पर मारपीट का आरोप लगाया।

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गुना न्यायालय परिसर में  बवाल: विजय रजक नामक युवक ने वकीलों पर मारपीट का आरोप लगाया।

द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क

प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर

20 अप्रैल 2026

गुना

जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर गुना में सोमवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब अपने भाई की जमानत के लिए परेशान एक युवक ने अपने परिवार सहित आत्मदाह का प्रयास कर दिया। युवक विजय रजक ने कथित तौर पर वकीलों द्वारा मारपीट से आहत होकर कोर्ट गेट के सामने पत्नी और छोटे बच्चों के साथ पेट्रोल डालकर आग लगाने की कोशिश की। हालांकि मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। चिलचिलाती धूप में मासूम बच्चों के साथ इस तरह का कदम उठाने से परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार विजय रजक पिछले तीन-चार दिनों से अपने भाई की जमानत के लिए एसडीएम कोर्ट के चक्कर लगा रहा था, लेकिन उसे जमानत नहीं मिल रही थी। यह मामला कैंट थाना क्षेत्र में दर्ज छेड़छाड़ के प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें उसके भाई को पुलिस ने धारा 151 के तहत भी बंद किया था। सोमवार को इसी मामले को लेकर कोर्ट परिसर में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई।

युवक विजय रजक का आरोप है कि जमानत के प्रयास के दौरान कुछ वकीलों ने उसे घेरकर मारपीट की। उसने बताया कि उसका परिवार न्यू सिटी कॉलोनी में रहता है और पड़ोस में रहने वाले एक वकील दंपत्ति से लंबे समय से विवाद चल रहा है। युवक का दावा है कि उसके भाई पर झूठा मामला दर्ज कराया गया और पुलिस ने भी कार्रवाई के दौरान पैसे की मांग की। उसने यह भी कहा कि न्याय की मांग लेकर वह कई दिनों से भटक रहा है, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हो रही, जिससे आक्रोश में आकर उसने यह कदम उठाया।

वहीं दूसरी ओर महिला अधिवक्ता गिर्जा अग्रवाल ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि पिछले एक महीने से रजक परिवार द्वारा लगातार अभद्र व्यवहार किया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ अशोभनीय टिप्पणियां की गईं और हाल ही में युवक के भाई द्वारा फ्लाइंग किस जैसी हरकत भी की गई, जिसका वीडियो सबूत मौजूद है। इसी के आधार पर उन्होंने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर केंट पुलिस ने मामला दर्ज किया।

बार एसोसिएशन के सदस्य भूपनारायण सोलंकी के अनुसार कोर्ट परिसर में किसी भी वकील द्वारा मारपीट नहीं की गई। उनका कहना है कि युवक वकीलों पर राजीनामा और जमानत के लिए दबाव बना रहा था और अभद्रता कर रहा था। इसी दौरान अन्य वकीलों ने उसे रोका, जिसके बाद वह वहां से भाग गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार ही कार्रवाई हो रही है।

इस पूरे घटनाक्रम ने न्यायालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ते विवादों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जायेगी।

Vikram singh tomar
Author: Vikram singh tomar

DWARKA NEWS NATIONAL NETWORK

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