कलेक्टर द्वारा ली गई \”जल गंगा संवर्धन अभियान’’ की समीक्षा बैठक
चीफ एडिटर : विक्रम सिंह तोमर
रिपोर्टर: जितेंद्र शर्मा
गुना 27 मार्च 2025
मध्यप्रदेश में वर्षा जल की बूंद-बूंद बचाने का \”जल गंगा संवर्धन\” महा अभियान गुड़ी पड़वा के दिन 30 मार्च से शुरू होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उज्जैन स्थित क्षिप्रा तट पर वरुण (जल देवता) पूजन और जलाभिषेक के साथ \”जल गंगा संवर्धन अभियान\” का विधिवत शुभारंभ करेंगे। यह प्रदेशव्यापी अभियान ग्रीष्म ऋतु में 30 जून तक 90 दिन से अधिक समय तक लगातार चलेगा।
इसी क्रम में आज कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल द्वारा आज जिला कलेक्ट्रेट के सभागार में ‘जल गंगा संवर्धन अभियान 2025’ के संबंध में समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक दुबे, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री विशाल सिंह, समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर श्री कन्याल कहा कि \”जल गंगा संवर्धन अभियान\” में जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों का पुनर्जीवन और जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का यह अभियान जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देकर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ें। यह अभियान जल संकट को खत्म करने और भावी पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री दुबे द्वारा अवगत कराया गया कि शासन निर्देश अनुसार जल गंगा संवर्धन अभियान की पृष्ठभूमि, अभियान का शुभांरभ तथा कार्य अवधि, संस्थागत व्यवस्था और सहभागी विभाग, अभियान अंतर्गत किये जाने कार्य व वित्तीय नियोजन, कार्ययोजना, कियान्वयन तथा मॉनिटरिंग एवं अभियान से समाज का जुडाव और जनभागीदारी संबंधी कार्य किये जाने हैं। कलेक्टर श्री कन्याल द्वारा सभी जिला एवं ब्लॉक अधिकारियों को निर्देश दिये कि निर्धारित समय-सीमा एवं समन्वय के साथ ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का क्रियान्वयन किया जाना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्री कन्याल द्वारा निर्देश दिये गए कि सभी सरकारी आवास/ कार्यालय में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग का कार्य कराया जावे। इसी प्रकार तालाब, जलाशयों आदि की साफ-सफाई कराए जाने, पानी रोकने, भूमिगत जल स्तर बढ़ाने संबंधी कार्य किये जाने के निर्देश भी सभी उपस्थिति अधिकारियों को दिए!









