मंदिर पर साफ सफाई करने वाला पुराना कर्मचारी ही निकला चोरी का आरोपी *बीस भुजी माता मंदिर से चोरी का पुलिस ने किया सफल खुलासा*

*मातारानी के दरबार से चोरी करने वाला आरोपी बजरंगगढ़ थाना पुलिस की गिरफ्त में*
*दानपेटियों से चोरी गई राशि एवं वारदात में प्रयुक्त औजार जप्त*
*साक्ष्य मिटाने के लिए डीवीआर नष्ट कर तालाब में फेंका*
*20 भुजा माता मंदिर से चोरी का खुलासा करने पर गुना पुलिस अधीक्षक की ओर से घोषित किया गया था 2000 रूपए ईनाम*
*आरोपी आदतन अपराधी जिस पर पूर्व से दर्ज पाए गए कई अपराध*
गुना पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल के संवेदनशील एवं कुशल नेतृत्व में गुना पुलिस द्वारा जिले में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा एवं आमजन की आस्था से जुड़े मामलों में गुना पुलिस द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाहियां की जा रही हैं । इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मानसिंह ठाकुर के मागदर्शन एवं सीएसपी गुना श्रीमती प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में बजरंगगढ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार और उनकी टीम द्वारा बजरंगगढ थानांतर्गत बीस भुजी माता मंदिर से चोरी के प्रकरण का सफल खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है ।
गौरतलब है कि दिनांक 07 मई 2026 को फरियादी लक्ष्मीनारायण शर्मा निवासी बजरंगगढ़ द्वारा बजरंगगढ़ थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि दिनांक 06 मई 2026 की रात्रि में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बीस भुजी माता मंदिर के शटर एवं दानपेटियों के ताले तोड़कर दानराशि चोरी कर ली गई तथा मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे को क्षतिग्रस्त कर डीवीआर चोरी कर ले गया है। इस रिपोर्ट पर से अज्ञात आरोपीके विरुद्ध बजरंगगढ़ थाने में अपराध क्रमांक 49/26 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।
बीस भुजी माता मंदिर में हुई चोरी की घटना से क्षेत्रीय श्रद्धालुओं एवं आमजन में रोष व्याप्त था । मातारानी के मंदिर से जुड़ी लोगों की गहरी आस्था को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल द्वारा मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए चोरी का पर्दाफाश करने हेतु 2000/- रुपये का इनाम घोषित किया जाकर प्रकरण के अज्ञात आरोपी की शीघ्र पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए ।
निर्देशानुसार बजरंगगढ थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार अपनी टीम के साथ प्रकरण के अज्ञात आरोपी की पतारसी हेतु सक्रियता से जुट गए एवं इस हेतु मंदिर के पुजारी, कर्मचारियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ की गई । वैज्ञानिक, भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच की गई । आरोपी द्वारा साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरा तोड़कर डीवीआर चोरी कर लिया गया था, जिससे जांच चुनौतीपूर्ण हो गई थी । पुलिस द्वारा प्रभावी तकनीकी विश्लेषण कर कई संदिग्धों से सघन पूछताछ की गई ।
जांच के दौरान मंदिर में पूर्व में कार्यरत भोला उर्फ घनश्याम पुत्र परमसुख केवट निवासी नवीन कॉलोनी बजरंगगढ़ की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, जिससे उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की गई, जिस पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया । आरोपी ने बताया कि मंदिर से हटाए जाने की नाराजगी के चलते उसने शराब के नशे में घटना को अंजाम दिया । आरोपी द्वारा रात में टामी, शब्बल एवं प्लास की सहायता से मंदिर के ताले तोड़कर दानपेटियों से राशि चोरी की गई तथा सीसीटीवी डीवीआर को नष्ट कर तालाब में फेंक दिया गया ।
पुलिस द्वारा आरोपी के कब्जे से बीस भुजी माता मंदिर एवं चतुर्भुजी माता मंदिर की दानपेटियों से चोरी की गई कुल 2000/- रुपये की राशि, घटना में प्रयुक्त टामी, शब्बल, हथौड़ी एवं प्लास जप्त किए गए हैं । आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़, मारपीट एवं आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न अपराध दर्ज होना पाये गये है ।
बजरंगगढ़ थाना पुलिस की इस उल्लेखनीय कार्यवाही में थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कृपाल सिंह परिहार, सउनि पृथ्वी सिंह, प्रधान आरक्षक दिलीप कलावत, प्रधान आरक्षक लक्ष्मीनारायण धाकड़, प्रधान आरक्षक राजेश शुक्ला, आरक्षक राजकुमार, आरक्षक सूर्यप्रताप, आरक्षक महेश बंजारा, आरक्षक मुकेश वर्मा, आरक्षक नवल किशोर, आरक्षक भूपेंद्र गुर्जर, आरक्षक अभयराज रघुवंशी, आरक्षक रवि राठौर, महिला आरक्षक सपना रघुवंशी, महिला आरक्षक पूजा गुप्ता तथा सायबर सेल से आरक्षक कुलदीप भदौरिया, आरक्षक कुलदीप यादव व आरक्षक भूपेन्द्र खटीक का सराहनीय योगदान रहा है ।









