#भोपाल वेस्टर्न बाईपास प्रोजेक्ट पर बड़ा विवाद!

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

#भोपाल वेस्टर्न बाईपास प्रोजेक्ट पर बड़ा विवाद!

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रस्तावित ₹3200 करोड़ के 35 किलोमीटर लंबे वेस्टर्न बाईपास प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया है।

भ्रष्टाचार विरोधी संगठन ‘सिस्टम परिवर्तन अभियान’ (SPA) ने देश के करीब 50 वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारियों पर अंदरूनी जानकारी का फायदा उठाकर जमीन खरीदने और करोड़ों का फायदा कमाने का आरोप लगाया है।

SPA के अध्यक्ष और रिटायर्ड IFS अधिकारी आजाद सिंह डबास के मुताबिक, इन अधिकारियों ने 4 अप्रैल 2022 को भोपाल के कोलार क्षेत्र के गुराड़ी घाट गांव में करीब 2.023 हेक्टेयर कृषि भूमि सिर्फ ₹5.5 करोड़ में खरीदी थी, जबकि उस समय उसकी बाजार कीमत लगभग ₹7.78 करोड़ बताई जा रही थी।

चौंकाने वाली बात यह है कि जमीन खरीद के करीब 16 महीने बाद, 31 अगस्त 2023 को सरकार ने वेस्टर्न बाईपास प्रोजेक्ट को मंजूरी दी। इसके बाद जून 2024 में इस जमीन का कृषि से आवासीय डायवर्जन भी करा दिया गया। आरोप है कि अब इसी जमीन की कीमत बढ़कर ₹55 से ₹60 करोड़ तक पहुंच चुकी है।

SPA ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को भेजी शिकायत में दावा किया है कि बाईपास का अलाइनमेंट तीन बार बदला गया और हर बार सड़क का रूट इस तरह तय किया गया कि वह अधिकारियों द्वारा खरीदी गई जमीन के नजदीक से गुजरे।

संगठन का आरोप है कि यह प्रोजेक्ट जनता की जरूरत से ज्यादा कुछ प्रभावशाली अफसरों को फायदा पहुंचाने के लिए तैयार किया गया। साथ ही कई अधिकारियों पर पत्नी और बच्चों के नाम पर बेनामी संपत्तियां खरीदने और नियमों के विरुद्ध निर्माण कराने के भी आरोप लगाए गए हैं।

अब इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच और प्रोजेक्ट को रद्द करने की मांग तेज हो गई है।

Vikram singh tomar
Author: Vikram singh tomar

DWARKA NEWS NATIONAL NETWORK

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें