नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म मामले में गुना कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मुख्य आरोपी सहित सहयोगी गिरफ्तार, दोनों भेजे गए जेल
✍️ प्रधान संपादक – विक्रम सिंह तोमर
द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क
गुना, 21 मई।
जिले में महिलाओं एवं नाबालिग बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्त कार्रवाई करते हुए गुना कोतवाली पुलिस ने अपहरण और दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी सहित उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 अप्रैल 2026 को एक पिता ने अपनी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री के लापता होने की रिपोर्ट गुना कोतवाली में दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 181/26 के तहत प्रकरण दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू की। पुलिस की लगातार तकनीकी एवं मैदानी जांच के बाद 17 मई 2026 को किशोरी को दिल्ली के लालकिला क्षेत्र से सुरक्षित दस्तयाब किया गया।
पीड़िता के बयान के आधार पर सामने आया कि शिवपुरी जिले के कोलारस निवासी चित्रांश ओझा उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया। वहीं आरोपी के दोस्त अंशुल तोमर ने भी पूरे घटनाक्रम में उसका सहयोग किया। इसके बाद पुलिस ने मामले में गंभीर धाराओं एवं पॉक्सो एक्ट का इजाफा करते हुए दोनों आरोपियों को 19 मई को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन एवं सीएसपी प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा की गई।
कार्रवाई में उपनिरीक्षक चंचल तिवारी, प्रधान आरक्षक रामकुमार रघुवंशी, आरक्षक रतन सिंह, नीरज रघुवंशी, महिला आरक्षक निशा शर्मा, महिला आरक्षक रश्मि सेन सहित साइबर सेल के आरक्षक भूपेन्द्र खटीक एवं अभय रघुवंशी की सराहनीय भूमिका रही।









