पोषण भी, पढ़ाई भी : आंगनवाड़ी केंद्रों में समग्र विकास की नई दिशा”

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पोषण भी, पढ़ाई भी : आंगनवाड़ी केंद्रों में समग्र विकास की नई दिशा”

चीफ एडिटर :विक्रम सिंह तोमर

रिपोर्टर राजीव विजय वर्गीय

भोपाल : बुधवार, अप्रैल 2, 2025, 19:05 IST

बाल्यावस्था केवल खेल-कूद और मस्ती का समय नहीं है, बल्कि यह जीवन की आधारशिला रखने वाला महत्वपूर्ण दौर भी है। गर्भधारण से लेकर छह वर्ष की आयु तक का समय बच्चे के मानसिक, शारीरिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद अहम होता है। विशेष रूप से पहले 1000 दिन, गर्भ के नौ महीने और जन्म के बाद के दो साल, बच्चे के भविष्य की नींव मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इस दौरान सही पोषण के साथ-साथ संज्ञानात्मक विकास के अवसर भी उतने ही आवश्यक होते हैं।

संयुक्त परिवारों की घटती संख्या और बदलते सामाजिक परिवेश के कारण अब घर में बच्चों को पारंपरिक रूप से मिलने वाला सहज शिक्षण प्रभावित हो रहा है। इसी कमी को पूरा करने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाया जा रहा है, जहां गर्भवती महिलाओं, शिशुवती माताओं और छह वर्ष तक के बच्चों को पोषण आहार के साथ-साथ प्रारंभिक शिक्षा दी जाती है।

Vikram singh tomar
Author: Vikram singh tomar

DWARKA NEWS NATIONAL NETWORK

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