पाकिस्तान फिर से शिमला समझौते को तोड़ने की धमकी दे रहा है।
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
क्या है ये समझौता?
अगर टूटता है तो क्या होगा? इससे भारत पर क्या फर्क पड़ेगा?
मात्र 2 मिनट का टाइम निकालकर जानिए इस थ्रेड में —
1971 की लड़ाई में भारत ने पाकिस्तान को बुरी तरह हराया था। बांग्लादेश स्वतंत्र देश बना।
93000 पाक सैनिक भारत की गिरफ्त में आए। उन्होंने सरेंडर कर दिया। इसी के बाद 2 जुलाई 1972 को \”शिमला समझौता\”
शिमला समझौता भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ज़ुल्फिकार अली भुट्टो के बीच हुआ था।
शिमला समझौते की 3 बड़ी बातें थीं:-
-कश्मीर समेत सभी मुद्दे द्विपक्षीय बातचीत से सुलझेंगे
-युद्ध या बल प्रयोग नहीं होगा।
-LoC (लाइन ऑफ कंट्रोल) को माना जाएगा।
– यानी पाकिस्तान को साफ कहा गया:
कोई तीसरा देश या संस्था (जैसे UN) इस मामले में नहीं आएगी।
-कश्मीर केवल भारत और पाकिस्तान के बीच का मुद्दा रहेगा।
अब पाकिस्तान गीदड़ धमकी दे रहा है कि- \”वो शिमला समझौता तोड़ देगा?
क्यों?
क्योंकि पहलगाम में पाकिस्तान प्रायोजित हिंसा के बाद भारत ने सिंधु जल समझौता तोड़ दिया है।
शिमला समझौता तोड़ने के बाद पाकिस्तान UN में जाने की धमकी भी दे रहा है।
भारत शुरू से मानता या है कि कश्मीर उसका आंतरिक मामला है। पाकिस्तान अगर शिमला समझौता तोड़ता है तो भारत पर कोई अंतरराष्ट्रीय दबाव नहीं पड़ेगा, लेकिन पाकिस्तान इसे कूटनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश करेगा।
लेकिन सवाल यही की आतंक के फ़ैक्ट्री पाकिस्तान का साथ देगा कौन?









