सीएम हेल्पलाइन बंद कराने का दबाव पड़ा भारी, नपा कर्मचारी बर्खास्त
घर के सामने मरे जानवर और कचरा फिंकवाने की धमकी का मामला; वेतन आहरण पर भी रोक
द्वारका न्यूज़ | प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
गुना | 27 अगस्त 2026

गुना। सीएम हेल्पलाइन की शिकायत बंद कराने के लिए दबाव बनाने और विरोध करने पर घर के सामने मरे जानवर व कचरा फिंकवाने की कथित धमकी देना नगर पालिका के एक संविदा कर्मचारी को भारी पड़ गया। भार्गव कॉलोनी निवासी परिवार द्वारा उपलब्ध कराए गए सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर नगर पालिका ने कर्मचारी बृजमोहन उर्फ बंटी खरे को तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया है। साथ ही उसके वेतन आहरण पर भी रोक लगा दी गई है।
तीन साल से सफाई की समस्या, दर्ज कराई थी सीएम हेल्पलाइन शिकायत
मामला भार्गव कॉलोनी का है। यहां लंबे समय से गंदगी और कचरे की समस्या को लेकर विशाल भार्गव ने नियमित सफाई की मांग करते हुए सीएम हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक 33261732 दर्ज कराई थी। आरोप है कि 19 अगस्त की शाम नपा कर्मचारी बंटी खरे टीम के साथ शिकायत बंद कराने पहुंचा। परिवार ने सफाई होने के बाद ही शिकायत बंद करने की बात कही तो कथित रूप से बुजुर्ग परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और घर के सामने मरे सूअर-कुत्ते तथा कचरे से भरा डंपर खाली कराने की धमकी दी गई।
एसपी-कलेक्टर से की शिकायत, सौंपे साक्ष्य
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से करते हुए सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराए। मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पालिका स्तर पर कार्रवाई की गई।
शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बाद ही बंद होनी चाहिए शिकायत
नगर पालिका के आदेश में कहा गया है कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायत शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बाद ही बंद कराई जानी चाहिए। शिकायत बंद कराने के लिए दबाव बनाना शासन की महत्वपूर्ण योजना की मूल भावना के विपरीत है। कर्मचारी के व्यवहार को कार्य के प्रति लापरवाही और अनुशासनहीनता मानते हुए उसे सेवा से पृथक करने तथा वेतन भुगतान रोकने के निर्देश दिए गए।
बर्खास्तगी की तारीख को लेकर उठे सवाल
मामला सामने आने के बाद 26 अगस्त को सीएमओ ने मीडिया के माध्यम से जांच की बात कही थी। वहीं, जारी आदेश में कर्मचारी को सेवा से पृथक करने की तारीख 25 अगस्त अंकित होने से आदेश की तारीख को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इसको लेकर नगर पालिका में बैक डेट में आदेश जारी किए जाने की चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, इस संबंध में नगर पालिका की ओर से अलग से कोई स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है।
नगर पालिका की कार्रवाई के बाद संबंधित अमले में हड़कंप की स्थिति है। अब देखने वाली बात होगी कि सीएम हेल्पलाइन जैसी जनसुनवाई व्यवस्था में शिकायतों के निस्तारण को लेकर आगे प्रशासन किस तरह की निगरानी व्यवस्था लागू करता है।









