बिहार में सर्पदंश से मौतों पर चिंता, ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान की जरूरत
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
3 सितंबर 2026
बिहार में सर्पदंश से होने वाली मौतों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत महसूस की जा रही है। खासकर मानसून के दौरान सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में खतरा और बढ़ जाता है।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ लोग बड़े कोबरा को धार्मिक आस्था से जोड़कर उसके बेहद करीब नजर आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में लोगों को समझने की जरूरत है कि सांप के बाहरी कान नहीं होते, इसलिए आवाज सुनकर उसके व्यवहार को इंसानों की तरह समझना गलत है। कोबरा अत्यंत विषैला और खतरनाक सांप है तथा उसके साथ लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार सांप दिखने पर उसे पकड़ने, छेड़ने या उसके साथ फोटो-वीडियो बनाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना और चिकित्सकीय उपचार लेना सबसे जरूरी है।
ग्रामीण स्तर पर स्कूलों, पंचायतों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से सर्पदंश से बचाव तथा प्राथमिक उपचार को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाना समय की मांग है।









