नगर पालिका गुना ने 80 लाख की फिनाइल और DDT दवा खरीद, फिर भी वार्ड मच्छरों के हवाले!
आरटीआई में सामने आए आंकड़ों के बाद जांच कमेटी बनी, अपर कलेक्टर ने मांगा जवाब; महीनों बाद भी कार्रवाई का इंतजार
गुना | द्वारका न्यूज़ | 28 सितंबर 2026

गुना शहर में बारिश के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही नगर पालिका की कीटनाशक दवा खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरटीआई से सामने आई जानकारी के मुताबिक पिछले दो वर्षों में करीब 80 लाख रुपए की कीटनाशक दवाइयां, गंध पाउडर, फिनाइल और डीडीटी सामग्री खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बावजूद कई वार्डों में दवा छिड़काव नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
नगर पालिका परिषद गुना के नेता प्रतिपक्ष एवं पार्षद शेखर वशिष्ठ ने आरोप लगाया है कि खरीदी गई सामग्री का वार्डवार वितरण और उपयोग संबंधी पुख्ता रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। उनका सवाल है कि जब लाखों रुपए की दवाइयां खरीदी गईं तो उनका छिड़काव शहर के सभी वार्डों में क्यों नजर नहीं आ रहा?
कलेक्टर ने गठित की थी जांच समिति
शिकायत के बाद कलेक्टर द्वारा दो सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति में अपर कलेक्टर अखिलेश कुमार जैन को अध्यक्ष और जिला शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी संजय श्रीवास्तव को सदस्य बनाया गया था। समिति को निर्धारित अवधि में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बाद जुलाई 2026 में अपर कलेक्टर कार्यालय से नगर पालिका को पत्र भेजकर कीटनाशक दवाइयों की खरीदी, सप्लायर, कीमत और खरीद प्रक्रिया से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। बावजूद इसके मामला अभी तक पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है।
जमीन पर हालात अलग, नालियों में गंदगी और मच्छरों का जमावड़ा
शहर के सैयदपुरा, घोसीपुरा और अन्य इलाकों में नालियों की गंदगी तथा मच्छरों की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने शिकायत की है। नागरिकों का कहना है कि कई इलाकों में लंबे समय से दवा का छिड़काव नहीं हुआ। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ठ ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोष सामने आने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
नगर पालिका सीएमओ शौलेष अवस्थी का कहना है कि संबंधित कीटनाशक खरीदी उनके पदभार ग्रहण करने से पहले की गई थी। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड देखने के बाद ही पूरे मामले में जानकारी दी जा सकेगी। साथ ही वर्तमान में शहर की कॉलोनियों में फॉगिंग और कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कराया जा रहा है।







