फाइलों के बीच ‘मातृत्व कक्ष’! CMHO दफ्तर में कुतिया ने दिए 6 पिल्लों को जन्म
द्वारका न्यूज़ प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
30 सितंबर 2026
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तीन दिन तक किसी को नहीं लगी भनक, पिल्लों की आवाज गूंजी तो मचा हड़कंप; डॉग लवर दलिया-गुड़ लेकर पहुंचे
छतरपुर। स्वास्थ्य विभाग के जिस कार्यालय में मरीजों और जनस्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी होती है, वहीं फाइलों और अलमारियों के बीच एक कुतिया ने छह पिल्लों को जन्म दे दिया। हैरानी की बात यह रही कि कार्यालय में करीब तीन दिन तक अधिकारियों-कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। पिल्लों की आवाज सुनाई देने के बाद मामला सामने आया तो कार्यालय में हड़कंप मच गया।
फाइलों के ढेर के बीच छह नन्हीं जानें
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में फाइलों और अलमारियों के बीच कुतिया ने प्रसव किया। बताया गया कि प्रसव के बाद कुतिया और उसके छह पिल्ले करीब 36 घंटे तक कार्यालय परिसर के अंदर रहे। कार्यालय खुलने के बावजूद किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया। बाद में पिल्लों की आवाज सुनाई दी तो कर्मचारियों ने पास जाकर देखा, जहां कुतिया के साथ छह पिल्ले मौजूद थे। कुछ पिल्ले सो रहे थे, जबकि कुछ इधर-उधर घूम रहे थे।
डॉग लवर दलिया-गुड़ लेकर पहुंचे
मामले की जानकारी डॉग लवर्स तक पहुंची तो वे कुतिया और उसके नवजात पिल्लों की मदद के लिए आगे आए। स्वान प्रेमी बल्लू चौरसिया उनके लिए दलिया और गुड़ लेकर पहुंचे। हालांकि, उनके पहुंचने से पहले ही अधिकारियों ने कुतिया और पिल्लों को कार्यालय से बाहर कर दिया था। इसके बाद डॉग लवर्स काफी देर तक कुतिया और पिल्लों को तलाशते रहे, लेकिन उनका पता नहीं चल सका।
कलेक्टर ने लगाई फटकार
मामले की जानकारी कलेक्टर मृणाल मीना तक पहुंची तो उन्होंने CMHO आरपी गुप्ता को फटकार लगाई। कलेक्टर ने कार्यालय की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने और भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा नहीं बनने के निर्देश दिए।
डॉग लवर्स ने नवजात पिल्लों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि इतनी छोटी उम्र में पिल्लों को सुरक्षित वातावरण और मां की जरूरत होती है। उनकी सुरक्षा करना इंसानियत का भी दायित्व है।







