इलाज के लिए आई बहन बनी भाई की ‘स्ट्रेचर’, गुना जिला अस्पताल की घटिया व्यवस्था पर उठे सवाल
द्वारका न्यूज़ प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर 4 अक्टूबर 2026

स्ट्रेचर नहीं मिला तो दिव्यांग भाई को पीठ पर लादकर वार्ड तक ले गई बहन, अस्पताल प्रबंधन बोला—स्ट्रेचर पर्याप्त हैं
गुना। जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत सामने लाने वाली एक तस्वीर ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राघौगढ़ क्षेत्र की रहने वाली कृष्णाबाई अपने बीमार और दिव्यांग भाई जगदीश को इलाज के लिए गुना जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं, लेकिन उन्हें स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं हो सकी। काफी देर इंतजार के बाद भी जब मदद नहीं मिली तो मजबूर बहन ने अपने भाई को पीठ पर लादा और वार्ड तक पहुंचाया।
बताया गया है कि जगदीश पिछले करीब एक वर्ष से गंभीर रूप से बीमार हैं और दिव्यांग होने के कारण खुद चलने-फिरने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में अस्पताल पहुंचने के बाद भी उन्हें वार्ड तक ले जाने के लिए परिजनों को ही जद्दोजहद करनी पड़ी।
‘स्ट्रेचर कहां है?’—व्यवस्था पर बड़ा सवाल
मरीज को स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध कराना अस्पताल की मूलभूत व्यवस्थाओं में शामिल है। इसके बावजूद यदि एक दिव्यांग मरीज की बहन को उसे अपनी पीठ पर उठाकर वार्ड तक ले जाना पड़े, तो यह व्यवस्था की संवेदनशीलता और जमीनी स्तर पर कर्मचारियों की सक्रियता पर सवाल खड़े करता है।
घटना सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लोगों में नाराजगी है। सवाल यह भी है कि यदि स्ट्रेचर पर्याप्त संख्या में हैं तो जरूरत के समय मरीज और उसके परिजनों को वह उपलब्ध क्यों नहीं हो पाया?
प्रबंधन का दावा—‘अस्पताल में पर्याप्त स्ट्रेचर’
मामले में प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर ने कहा कि अस्पताल में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर उपलब्ध हैं और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। उनका कहना है कि कई बार मरीज के परिजन जल्दबाजी में स्वयं ही मरीज को उठाकर ले जाते हैं।
अब सवाल यह है कि यदि व्यवस्था पर्याप्त है, तो कृष्णाबाई को अपने दिव्यांग भाई को पीठ पर उठाकर वार्ड तक ले जाने की नौबत आखिर क्यों आई?
एक तस्वीर ने खोल दी अस्पताल की व्यवस्था की पोल
यह घटना केवल एक मरीज की परेशानी नहीं, बल्कि अस्पताल की व्यवस्थाओं की निगरानी और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता पर भी बड़ा सवाल है। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को समय पर मूलभूत सुविधाएं मिलें, यह अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है।
द्वारका न्यूज़ | प्रधान संपादक – विक्रम सिंह तोमर







