गौ-रक्षा की आड़ में मवेशी तस्करी का आरोप! 41 गाय-बछियों को बेचने के मामले में 4 गिरफ्तार, बजरंग दल के कार्यकर्ता शामिल

छत्तीसगढ़ के कांकेर में खुलासा: गौशाला पहुंचाने का झांसा देकर छह पिकअप में भरकर ले गए मवेशी, धमतरी में 2.80 लाख रुपये में बेचने का आरोप
कांग्रेस ने बजरंग दल और भाजपा के पुतले जलाकर किया प्रदर्शन, संगठन ने आरोपियों से संबंध होने से किया इनकार
द्वारका न्यूज़ | प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर | 8 अक्टूबर 2026
कांकेर, छत्तीसगढ़। गौ-संरक्षण के नाम पर मवेशियों को सुरक्षित गौशाला पहुंचाने का भरोसा दिलाकर कथित तौर पर उनकी तस्करी करने का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नरहरपुर क्षेत्र में 41 गायों और बछियों को गौशाला में रखने का झांसा देकर ले जाने और बाद में पड़ोसी जिले धमतरी में 2.80 लाख रुपये में बेचने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में बजरंग दल का एक पूर्व सदस्य भी शामिल बताया गया है। मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद भी गहरा गया है।
गौशाला में रखने का दिया भरोसा, छह पिकअप में भरकर ले गए मवेशी
पुलिस के अनुसार, आरोपी गौरव शोरी और हिमांशु तिवारी कथित तौर पर गौ-रक्षक बनकर नरहरपुर क्षेत्र के ग्रामीणों और ग्राम समिति प्रमुख सरधु मांडवी के पास पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि आवारा मवेशियों को कांकेर के पांद्रीपानी गांव स्थित गौशाला में सुरक्षित रखा जाएगा।
आरोप है कि 30 सितंबर की रात आरोपियों ने 41 गायों और बछियों को छह पिकअप वाहनों में लादा और उन्हें गौशाला ले जाने के बजाय धमतरी की ओर ले गए। पुलिस के मुताबिक, वहां हेमंत यादव नामक खरीदार को मवेशी 2.80 लाख रुपये में बेच दिए गए।
गाय-बछिया की तलाश में हुआ मामले का खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ, जब स्थानीय पशुपालक रविकांत ठाकुर अपनी लापता गाय और बछिया की तलाश में निकले। उनके मवेशी रोजाना चरने के लिए बाहर जाते थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। तलाश के दौरान ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि गौरव शोरी और हिमांशु तिवारी मवेशियों को गौशाला में रखने की बात कहकर ले गए थे।
इसके बाद ठाकुर सहित अन्य ग्रामीण पांद्रीपानी स्थित गौशाला पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि उनके मवेशी गौशाला में नहीं पहुंचे थे। ग्रामीणों ने जब आरोपियों से फोन पर और आमने-सामने सवाल किए, तो कथित तौर पर संतोषजनक जवाब नहीं मिले। इसके बाद मवेशियों को बेचने का मामला सामने आया और पुलिस को सूचना दी गई।
चार आरोपी गिरफ्तार, धमतरी से 27 मवेशी बरामद
नरहरपुर पुलिस ने मामले में गौरव शोरी, हिमांशु तिवारी, मनीष बघेल और विश्वनाथ कौशिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, चारों आरोपी जामगांव के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान धमतरी से 27 मवेशियों को बरामद किया गया है।
थाना प्रभारी सोमेश बघेल ने बताया कि मामले में खरीदारों के नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। साथ ही, मवेशियों को उतारने के दौरान इधर-उधर भाग गए शेष पशुओं की तलाश के लिए भी टीमें जुटी हुई हैं।
कांग्रेस का प्रदर्शन, बजरंग दल और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी
मामले ने राजनीतिक तूल भी पकड़ लिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांकेर में प्रदर्शन कर बजरंग दल और सत्तारूढ़ भाजपा के पुतले जलाए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि गौ-संरक्षण के नाम पर भगवा झंडे लेकर चलने वाले कुछ लोग कथित तौर पर व्यावसायिक मवेशी तस्करी में शामिल थे।
वहीं, बजरंग दल के कांकेर जिला संयोजक प्रदीप साहू ने संगठन को आरोपियों से अलग करते हुए कहा कि गौरव शोरी को करीब 18 महीने पहले संगठन से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि अन्य आरोपियों का भी संगठन से कोई संबंध नहीं है।
गौ-संरक्षण की आड़ में तस्करी के आरोपों ने खड़े किए सवाल
इस घटना ने गौ-संरक्षण के नाम पर मवेशियों को ले जाने की प्रक्रिया, उनकी निगरानी और पशु परिवहन की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल पुलिस खरीदारों के नेटवर्क, बरामद मवेशियों और शेष पशुओं के संबंध में जांच कर रही है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।







