दिव्यांग भी योग के जरिए रह सकते हैं स्वस्थ, नियम से करें ये योगासन
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर जिला संवाददाता राजीव विजय
द्वारका दिव्यांग पुनर्वास एवं नशा मुक्ति केंद्र के अध्यक्ष श्री विक्रम तोमर सर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा
योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है।
यह हमें स्वस्थ, शांत और खुश रहने की दिशा में ले जाता है।
रोज योग करने से तनाव कम होता है, एकाग्रता बढ़ती है और शरीर मजबूत बनता है।
11 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, देश भर में दिव्यांगजनों ने सामूहिक योग कार्यक्रमों के माध्यम से स्वस्थ रहने का संकल्प लिया।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय के “सभी के लिए योग” के दृष्टिकोण के अनुरूप, 10,000 दिव्यांगजनों ने पूरे भारत में विभिन्न स्थानों पर योग किया।
आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है, आइए हम सभी संकल्प लें कि योग को अपनी दिनचर्या में अपनाकर खुद को और देश को स्वस्थ बनाएं।
योग शिविर को संबोधित करते हुए विक्रम तोमर सर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि योग की परंपरा हमारे प्राचीन ऋषियों की विरासत है। योग न केवल स्वस्थ शरीर के लिए एक अभ्यास है, बल्कि एक व्यवस्थित जीवनशैली बनाए रखने का एक शक्तिशाली साधन भी है। महर्षि पतंजलि के द्वारा स्थापित सिद्धांतों के के नेतृत्व में, हमारी योग परंपरा को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता मिली है, जिसके कारण 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।
आज, विश्व स्तर पर 150 से अधिक देश अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं।
श्री सन्देश कुमार झा ने दिव्यांग भाइयों, बहनों और बच्चों के साथ योग अभ्यास करने का अवसर पाकर प्रसन्नता व्यक्त की।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योग न केवल शारीरिक और सामाजिक स्वास्थ्य के लिए बल्कि समाज के हर वर्ग को एकजुट करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।









