भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल, गगनयान की उड़ान के लिए इंजन तैयार; ISRO ने दी ताज़ा जानकारी
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
पीटीआई, बेंगलुरु। इसरो ने गगनयान मिशन के लिए सर्विस माड्यूल प्रोपल्शन सिस्टम को सफलतापूर्वक विकसित कर लिया है। इस सिस्टम का 350 सेकेंड तक हॉट टेस्ट किया गया, जो सफल रहा। यह भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की दिशा में बड़ी उपलब्धि है।
सिस्टम का किया गया हॉट टेस्ट
शुक्रवार को इस सिस्टम का 350 सेकेंड तक पूर्ण अवधि का \’हॉट टेस्ट\’ किया गया। वास्तविक परिस्थिति में किया जाने वाला इस परीक्षण का मकसद यह देखना था कि अगर उड़ान के दौरान कोई गड़बड़ी हो जाए और मिशन को बीच में रोकना पड़े (जिसे \’मिशन एबार्ट\’ कहा जाता है), तो यह सिस्टम सही तरीके से काम करता है या नहीं। गगनयान मिशन भारत का पहला मानव अंतरिक्षयान मिशन है।
गगनयान का सर्विस मॉड्यूल दो तरह के ईंधन से चलता है
इसरो ने बयान में कहा, परीक्षण के दौरान प्रणोदन प्रणाली का समग्र प्रदर्शन पूर्व-परीक्षण पूर्वानुमानों के अनुसार रहा। गगनयान का सर्विस मॉड्यूल दो तरह के ईंधन से चलने वाला प्रोपल्शन सिस्टम है। यह आर्बिटल मॉड्यूल को सही कक्षा (आर्बिट) में पहुंचाने, उड़ान को नियंत्रित करने, जरूरत पड़ने पर गति को धीमा करने और अगर कोई गड़बड़ी हो जाए तो मिशन को बीच में रोककर अंतरिक्षयात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करता है।
इस सिस्टम में दो खास तरह के इंजन होते हैं। लिक्विड एपोजी मोटर (एलएएम) राकेट को कक्षा में लाने और फिर धीरे-धीरे नीचे लाने में मदद करते हैं, वहीं रिएक्शन कंट्रोल सिस्टम (आरसीएस) उड़ान दिशा को बहुत सटीक तरीके से नियंत्रित करता है।









