हरदा जिला पुलिस पर उपनाम जाति देखकर लोगों को निशाना बनाने का आरोप, दिग्विजय सिंह जी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से की  न्यायिक जांच की मांग

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हरदा जिला पुलिस पर जाति देखकर लोगों को निशाना बनाने का आरोप, दिग्विजय सिंह जी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से की  न्यायिक जांच की मांग

प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर

द्वारका न्यूज़ 

दिग्विजय सिंह ने हरदा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया कि छात्रावास में शांतिपूर्ण ढंग से बैठक कर रहे लोगों पर पुलिस ने दरवाजा खोलते ही बेरहमी से लाठीचार्ज कर दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान राज्यसभा सांसद महोदय दिग्विजय सिंह, कांग्रेस उपाध्यक्ष जयवर्द्धन सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा व अन्य के साथ सोमवार दोपहर हरदा पहुंचे। यहां उन्होंने घटनाक्रम की पूरी जानकारी लेने के उपरांत राजपूत समाज के प्रतिनिधियों को लेकर ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने कलेक्ट्रेट को छावनी बना रखा था। पूर्व मुख्यमंत्री जैसे ही अन्दर गए पुलिस ने राजपूत समाज के लोगों को रोक लिया उनसे धक्का मुक्की की।

 

 

पुलिस ने टिमरनी विधायक अभिजीत शाह जी को न सिर्फ रोका बल्कि उनके हाथ पकड़ कर उनके साथ बदसलूकी की। इस दौरान जयवर्द्धन सिंह ने बीच बचाव कर अभिजीत शाह व अन्य राजपूत समाज के लोगों को अंदर ले गए। विधायक शाह ने कहा कि मुझे भी राजपूत समझकर अंदर नही आने दिया जा रहा था।

 

 

प्रशानिक अधिकारियों से मुलाकात के उपरांत सिंह ने

हरदा में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और आरोप लगाया कि छात्रावास में शांतिपूर्ण ढंग से बैठक कर रहे लोगों पर पुलिस ने दरवाजा खोलते ही बेरहमी से लाठीचार्ज कर दिया। दिग्विजय ने बताया कि मौके पर तीन डीएसपी पहुंचे थे और बातचीत की बात कहकर भीतर घुसे, लेकिन फिर अचानक पुलिस बल अंदर घुसा और पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने धर्मशाला के भीतर बैठे लोगों को बिना किसी उकसावे के मारा-पीटा, गाड़ियां तोड़ीं, और सिंह उपनाम देखकर लोगों को निशाना बनाया गया।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि पुलिस ने राजपूत समाज के लोगो से नाम पूछा, जिसका नाम के आगे सिंह लगा था उसे पीटा गया है। उन्होंने कहा कि एक चौकीदार की बेटी तक इस हमले की गवाह बनी, जो अपने पिता की पिटाई देख रोती रही। दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब कोई कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ी थी तो छात्रावास में घुसकर मारपीट का क्या औचित्य था? उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपने की बात कही है। सिंह ने मांग की है कि हरदा में 12 और 13 जुलाई की घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज निकाली जाए और इसकी न्यायिक जांच किसी रिटायर्ड हाईकोर्ट या जिला न्यायाधीश के माध्यम से कराई जाए, ताकि जांच निष्पक्ष हो सके।

 

 

सिंह ने कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस ने निर्दोषों पर बर्बरता की है, जिसकी वह निंदा करते हैं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि हरदा कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, एसडीपीओ को हटाना चाहिए क्योंकि उनके यहां पर रहते निष्पक्ष जांच नही होती। इस दौरान हरदा के टिमरनी विधायक अभिजीत शाह ने कहा कि जिन अधिकारियों के कहने पर पुलिस ने लोगों के वाहनों में तोड़फोड़ की है। उसकी भरपाई कलेक्टर और एसपी की सैलरी से काटकर की जाए। यहां किसानों और व्यापारियों के बेटों को बेरहमी से मारकर उनके वाहनों में तोड़-फोड़ हुई है। उन्होंने कहा कि वह यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाएंगे और दोषियों को बर्खास्त करने की मांग करेंगे।

Vikram singh tomar
Author: Vikram singh tomar

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