300 साल बाद महाशिवरात्रि पर ऐसा दुर्लभ संयोग बनाएगी आपकी किस्मत

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300 वर्ष बाद महाशिवरात्रि पर ऐसा दुर्लभ संयोग सबर जाएगा आपका भाग्य

 द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क

प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर

महाशिवरात्रि 15 फरवरी रविवार को अत्यंत दुर्लभ और दिव्य ज्योतिषीय संयोगों के साथ मनाई जाएगी। फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी को सुबह तीन बजकर 59 बजे प्रारंभ होकर 16 फरवरी को शाम चार बजकर 45 बजे तक रहेगी। इस दौरान शनि और सूर्य (पिता–पुत्र) की युति, शुक्र का उच्च स्थिति में होना तथा प्रदोष काल का संयोग महाशिवरात्रि को विशेष फलदायी बना रहा है।

ज्योतिष गणना के अनुसार इस दिन पांच राजयोग बन रहे हैं। बुध–सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग, बुध–शुक्र से लक्ष्मी नारायण राजयोग, सूर्य–शुक्र से शुक्रादित्य राजयोग तथा शनि के कुंभ राशि में स्थित होने से शश नामक महापुरुष राजयोग बनेगा। साथ ही कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और राहु की एक साथ उपस्थिति से चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा।

शिवरात्रि की पूजन विधि

बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल, फूल, चंदन, रोली, अबीर इत्यादि से शिव-पार्वती की विधि विधान पूजा करें। इसके बाद मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, भांग, धतूरा, चंदन, रोली, अक्षत इत्यादि चीजें चढ़ाएं। दिन भर व्रत रहें और जब समय मिले भगवान का ध्यान भी करते रहें

Vikram singh tomar
Author: Vikram singh tomar

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