*नपा गुना के सम्मेलन में 11 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित, तीन प्रस्ताव परिषद की अगली बैठक में होंगे पेश*
द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
गुना।
नगर पालिका परिषद गुना की साधारण सभा की बैठक शुक्रवार को नपाध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुई। शहर के सर्वांगीण विकास और नागरिक सुविधाओं को केंद्र में रखकर आयोजित इस बैठक में कुल 14 एजेंडे रखे गए थे। भारी हंगामे और कुछ पार्षदों के विरोध के बावजूद नपाध्यक्ष की विकासोन्मुखी सोच की जीत हुई और परिषद ने बहुमत के साथ 11 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने पार्षदों को मर्यादित व्यवहार और शहर हित में सोचने की नसीहत दी।
सम्मेलन की शुरुआत से ही नपाध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता ने स्पष्ट किया कि परिषद का मुख्य उद्देश्य राजनीति से ऊपर उठकर शहर का कायाकल्प करना है। बैठक के दौरान जलसंकट के समाधान हेतु बिंदु क्रमांक-1 पर चर्चा हुई, जिसमें गर्मी के मौसम में सुचारू जलप्रदाय और नई कार्ययोजना को लेकर 20 पार्षदों के भारी बहुमत से प्रस्ताव पारित किया गया। हालांकि नेता प्रतिपक्ष द्वारा इसका विरोध किया गया, लेकिन शहर की प्यास बुझाने के संकल्प के आगे विरोध बेअसर रहा। इसी तरह बिंदु क्रमांक-4 पर सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए हाट बाजार का नामकरण अटल बाजार करने का गौरवपूर्ण प्रस्ताव पास किया गया।
बैठक में विकास कार्यों की गति को धार देने के लिए गीता भवन निर्माण (बिंदु-6) और अन्य निर्माण कार्यों पर चर्चा हुई। बिंदु क्रमांक 7, 8 और 9 को परिषद ने सर्वसम्मति से हरी झंडी दिखाई, जिसमें डॉ. बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर गौरवपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल रहा। सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में बिंदु-12 के तहत लोको उत्सव को प्रतिवर्ष आयोजित करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। वहीं तीन अन्य विषयों को अगली बैठक के लिए सुरक्षित रखा गया है।
सम्मेलन के दौरान पार्षद तरुण मालवीय ने दूरदर्शी सोच का परिचय देते हुए रेलवे को बल्क वाटर कनेक्शन देने के प्रस्ताव का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने इसे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की आगामी 55 वर्षों की योजनाबद्ध कार्ययोजना का हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे रेल यात्रियों को सुविधा मिलेगी और गुना को भविष्य में नई ट्रेनों की सौगात मिल सकेगी। मालवीय ने शहर की सडक़ों पर हुए त्वरित पेचवर्क के लिए नपाध्यक्ष और सीएमओ का आभार व्यक्त करते हुए अपने वार्ड के लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने की मांग भी रखी।
विधायक पन्नालाल शाक्य ने बैठक में पार्षदों के व्यवहार पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें शालीनता से अपनी बात रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि व्यक्तिगत रंजिश के बजाय पार्षदों को शहर के विकास पर ध्यान देना चाहिए। अंत में सीएमओ मंजूषा खत्री ने बताया कि परिषद ने 11 प्रस्तावों को मंजूरी दी है और विधायक जी के सुझावों पर अमल करते हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग सुधारने के लिए पूरी टीम मुस्तैदी से काम करेगी। नपाध्यक्ष श्रीमती सविता गुप्ता ने सभी स्वीकृत प्रस्तावों को जल्द धरातल पर उतारने का आश्वासन दिया।
नशे में धुत भृत्य ने महिला पार्षदों से की अभद्रता, सीएमओ ने किया निलंबित
इधर बैठक में उस समय असहज स्थिति निर्मित हो गई, जब एक कर्मचारी शराब के नशे में धुत होकर बैठक कक्ष में जा घुसा। नगर पालिका सीएमओ मंजूषा खत्री ने अनुशासनहीनता और अभद्र व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए भृत्य परशुराम भील को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जारी निलंबन आदेश के अनुसार, बैठक के दौरान भृत्य परशुराम बिना अनुमति कक्ष में प्रवेश कर गया। वह अत्यधिक नशे में था और वहां मौजूद महिला पार्षदों के साथ अमानवीय व्यवहार करने लगा। कार्यालय द्वारा पूर्व में भी मादक पदार्थों का सेवन न करने की चेतावनी दी गई थी, जिसका उल्लंघन करने पर म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1961 के तहत यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
बाद में पैर छूकर मांगी माफी
निलंबन की कार्रवाई के बाद आरोपी कर्मचारी के तेवर ठंडे पड़ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाद में कर्मचारी ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए महिला पार्षदों के पैर छुए और कान पकडक़र सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। हालांकि, आदेशानुसार निलंबन अवधि में उसे केवल जीवन निर्वहन भत्ता देय होगा और उस पर पृथक से आरोप पत्र जारी किए जाएंगे









