लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
विपक्ष ने 9-10 मार्च 2026 को वर्तमान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाते हुए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है, जिस पर 10 घंटे की बहस तय हुई है। यह 14 दिनों के नोटिस के बाद संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत लाया गया है, हालांकि NDA के बहुमत के कारण इसके पारित होने की संभावना कम है।
लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मुख्य बातें:
हालिया मामला (2026): विपक्ष ने ओम बिरला पर अविश्वास जताया है, जिसके चलते बीजेपी ने अपने सांसदों के लिए ‘थ्री लाइन व्हिप’ जारी की है।
आरोप: विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर ‘खुले तौर पर पक्षपातपूर्ण’ तरीके से काम कर रहे हैं और उन्होंने विपक्ष के नेताओं को बोलने का मौका नहीं दिया।
संवैधानिक प्रक्रिया: अनुच्छेद 94 के तहत, अध्यक्ष को केवल तभी हटाया जा सकता है जब लोकसभा के सभी तत्कालीन सदस्यों के बहुमत से प्रस्ताव पारित हो।
14 दिन का नोटिस: प्रस्ताव पेश करने से पहले 14 दिनों का लिखित नोटिस देना अनिवार्य है।
ऐतिहासिक मामले: इससे पहले, जीवी मावलंकर (1954), हुकम सिंह (1966), और बलराम जाखड़ (1987) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन तीनों असफल रहे







