आज पूरा देश मना रहा है शहीद दिवस की 20 मार्च को
सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,
देखना है जोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है।
द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
भारत माँ के वीर सपूत भगत सिंह जी, सुखदेव जी और राजगुरु जी के शहीद दिवस पर उन्हें शत-शत नमन।
इंकलाब जिंदाबाद।।
भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जी को उनके अमर बलिदान के लिए आज नमन करता हूँ- जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
भगत सिंह, राजगुरु (शिवराम राजगुरु), और सुखदेव (सुखदेव थापर) तीन प्रमुख भारतीय क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्हें लाहौर षड्यंत्र मामले में उनकी भूमिका के लिए 23 मार्च, 1931 को अंग्रेजों द्वारा फांसी दे दी गई थी।
भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव का स्मारक (हुसैनीवाला में)
उन्हें ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स की हत्या में शामिल होने के कारण फाँसी दे दी गई, जो लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए किया गया था। उनकी शहादत का दिन, 23 मार्च, देश की आज़ादी के लिए उनके बलिदान के सम्मान में भारत में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।









