क्षेत्रीय समाचार
पुजारी के साथ मारपीट की कहानी में आया नया मोड़ , गुर्जर समाज ने कहा- झूठी है एफआईआर! पुजारी को गिरने से लगी चोट
15 अप्रैल 2026
– ज्ञापन सौंप कर गुर्जर समाज बोला -हम संतों के सेवक हैं, शोषक नहीं: भैयालाल गुर्जर के बचाव में उतरा समाज, निष्पक्ष जांच के लिए घेरा एसपी कार्यालय!
गुना । जिले रुठियाई क्षेत्र के देहरी गांव स्थित मंदिर के पुजारी के साथ मारपीट के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। जहां एक ओर इस घटना को लेकर संत समाज में आक्रोश बना हुआ है, वहीं अब गुर्जर समाज भी सामने आ गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में समाजबंधु पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में समाज के लोगों ने कहा कि संतों का सम्मान करना उनकी परंपरा का हिस्सा है और इस तरह की घटना में समाज के किसी व्यक्ति की संलिप्तता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में उनके समाज के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति भैयालाल गुर्जर को साजिश के तहत आरोपी बनाया गया है, जबकि घटना के समय वह गांव में मौजूद ही नहीं थे। उनके अनुसार, घटना के वक्त वह गोपी कृष्ण सागर बांध के पास तिनस्याई गांव में थे, जिसके कई ग्रामीण गवाह भी मौजूद हैं।
समाजबंधुओं ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाए और जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही निर्दोष व्यक्ति को आरोपों से मुक्त कर न्याय दिलाया जाए। उन्होंने दर्ज एफआईआर पर भी सवाल उठाते हुए उसे वापस लेने की मांग की है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले मंदिर के वृद्ध पुजारी कमल दास के साथ मारपीट की घटना सामने आई थी, जिसमें जमीन विवाद एवं आपसी मनमुटाव को लेकर हमला किए जाने की बात कही गई थी। 90 वर्ष के बुजुर्ग को काफी गंभीर चोट आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था भाई दूसरे पक्ष का कहना है कि पुजारी पर हमला नहीं हुआ बल्कि पुजारी की गिरने के कारण चोट लगने से घायल हुए हैं
इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस भी दर्ज किया था।
अब इस पूरे घटनाक्रम में एक नया पक्ष सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की जाएगी और सवुतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस वेरिफिकेशन किया जाएगा








