उपार्जन केन्द्र पहुंचे कलेक्टर, कृषकों का माला पहनाकर किया आत्मीय स्वागत
द्वारका न्यूज़ नेशनल नेटवर्क
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
गेहूं तुलाई की व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण, किसानों की सुविधा और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
गुना 15 अप्रैल 2026
जिले में समर्थन मूल्य पर संचालित उपार्जन कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लेने हेतु कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल द्वारा बुधवार को नानाखेड़ी मंडी स्थित उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एसडीएम गुना श्रीमति शिवानी पाण्डेय, जिला आपूर्ति अधिकारी श्री अवधेश पाण्डेय, उपसंचालक कृषि श्री संजीव शर्मा, मण्डी सचिव सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने खरीदी प्रक्रिया, तौल व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण एवं संपूर्ण संचालन प्रणाली का सूक्ष्म परीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपार्जन कार्य पूर्ण पारदर्शिता एवं निर्धारित समय-सीमा में संपादित किया जाए, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य बिना किसी विलंब के प्राप्त हो सके।
कलेक्टर ने किसानों से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि उपार्जित फसल का भुगतान अधिकतम 2 से 7 दिवस के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित हो जाएगा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से उनकी समस्याएं एवं सुझाव भी प्राप्त किए। इस अवसर पर किसानों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया गया तथा उन्हें मिठाई खिलाकर सम्मानित किया गया। साथ ही पराली न जलाने के लिए प्रेरित करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया एवं व्यवस्थाओं के संबंध में फीडबैक भी लिया गया।
कलेक्टर ने उपार्जन केंद्र पर उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए पेयजल, छायादार स्थल बैठने की व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए, ताकि केंद्र पर आने वाले किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
किसानों द्वारा बताया गया कि समर्थन मूल्य पर हो रही खरीदी से उन्हें अतिरिक्त लाभ प्राप्त हो रहा है। मसूर में लगभग 900 से 1000 रुपये प्रति क्विंटल तथा गेहूं में 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक का लाभ मिल रहा है।
खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुना मंडी स्थित दो उपार्जन केंद्रों पर अब तक 12 किसानों से 269 क्विंटल गेहूं एवं 210 क्विंटल मसूर की खरीदी की जा चुकी है, जो निरंतर जारी है। जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदी हेतु कुल 27 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां नियमित निगरानी के साथ आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
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