दमोह से बड़ी खबर, फर्जी MBBS डॉक्टरों पर एक्शन, पुलिस ने 3 फर्जी डॉक्टरों को किया गिरफ्तार,

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मध्य प्रदेश के दमोह में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहाँ फर्जी MBBS डिग्री और जाली दस्तावेजों के सहारे सरकारी संजीवनी क्लीनिक और आरोग्य केंद्रों में 3 कथित डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे थे।

 

🔍 गिरफ्तारी और खुलासा
  • मुख्य आरोपी: पुलिस ने दमोह और जबलपुर से तीन फर्जी डॉक्टरों—राजपाल गौर, कुमार सचिन यादव और अजय मौर्य को गिरफ्तार किया है।
  • फर्जी डिग्री कनेक्शन: जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मात्र 8 से 10 लाख रुपये देकर जाली डिग्रियां खरीदी थीं। इन डिग्रियों पर जीवाजी यूनिवर्सिटी (ग्वालियर) और रीवा मेडिकल कॉलेज के नाम का इस्तेमाल किया गया था।
  • मामले का सच: भर्ती राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत लगभग एक साल पहले हुई थी, लेकिन जब स्थानीय स्तर पर शिकायतें मिलीं और सीएमएचओ (CMHO) ने जांच की तो डिग्रियां फर्जी पाई गईं।
  • कानूनी कार्रवाई: आरोपियों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और असली रैकेट के सरगनाओं की तलाश की जा रही है।
इस मामले से जुड़ी जांच और अपडेट्स जानने के लिए, क्या आप:
  • इस फर्जी डिग्री रैकेट के मुख्य सरगना की गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी चाहते हैं?
  • सरकारी अस्पतालों में भर्ती प्रक्रिया और सुरक्षा जांच से जुड़े नियमों के बारे में जानना चाहते हैं?

 

Vikram singh tomar
Author: Vikram singh tomar

DWARKA NEWS NATIONAL NETWORK

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