200 लीटर की सीमा पर सरकार सख्त, डीजल की कालाबाजारी पर लगेगी लगाम
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
जिला संवाददाता संदेश झा
नई दिल्ली
90 दिनों के लिए नया नियम लागू, कमर्शियल उपभोक्ताओं को रिटेल पंप से नहीं मिलेगा डीजल
नई दिल्ली। डीजल की कालाबाजारी और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। नए आदेश के तहत अब एक सामान्य ग्राहक एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही खरीद सकेगा। यह प्रतिबंध फिलहाल 90 दिनों के लिए लागू किया गया है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
नए नियम के अनुसार कमर्शियल उपभोक्ता और बड़े औद्योगिक खरीदार अब रिटेल पेट्रोल पंपों से डीजल नहीं खरीद पाएंगे। उन्हें अधिकृत थोक विक्रेताओं या निर्धारित आपूर्ति केंद्रों से ही ईंधन लेना होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से डीजल की अवैध खरीद-फरोख्त और कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशों पर अंकुश लगेगा। हालांकि बड़े उपभोक्ताओं को अब डीजल खरीदने के लिए अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, कमर्शियल उपयोगकर्ताओं के लिए डीजल की कीमत रिटेल दरों की तुलना में करीब 40 रुपये प्रति लीटर तक अधिक पड़ सकती है।
सरकार का कहना है कि यह कदम ईंधन आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने और आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है। वहीं परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इस निर्णय के प्रभावों को लेकर चिंता भी जताई है।
दमदार हेडलाइन:
“डीजल पर सरकार की सख्ती: एक ग्राहक को 200 लीटर की सीमा, कमर्शियल खरीदारों पर बड़ी रोक”
सब-हेडलाइन:
“90 दिन लागू रहेगा नया नियम, जमाखोरी रोकने और आपूर्ति संतुलित रखने का दावा”








