म्याना ट्रिपल मर्डर मिस्ट्री का 7 घंटे में खुलासा: अवैध संबंध और संपत्ति की लालच में तीन हत्याएं, दो आरोपी गिरफ्तार
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
जिला संवाददाता महेंद्र महेश्वरी
21 जून 2026
गुना। गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र में सामने आए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड का पुलिस ने महज 7 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। प्रारंभिक जांच में अवैध संबंध और संपत्ति हड़पने की लालच इस जघन्य वारदात की मुख्य वजह सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, 21 जून को म्याना स्थित ओमप्रकाश शर्मा के खेत पर बने मकान से दुर्गंध आने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एक बंद कमरे से करीब 3-4 दिन पुराना सड़ा-गला शव बरामद किया, जिसकी पहचान ओमप्रकाश शर्मा (56) के रूप में हुई। अगले दिन उसी मकान के दूसरे कमरे से भी एक महिला और एक पुरुष के शव बरामद हुए, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल स्वयं मौके पर पहुंचीं और मामले की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए जांच के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत सिंह सुमन एवं एसडीओपी विवेक अष्ठाना के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया, एफएसएल, साइबर सेल, सीसीटीवी टीम, फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ और डॉग स्क्वॉड की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। पूछताछ में उसकी पहचान मृतिका बिन्दाबाई की बहन के बेटे सुरेन्द्र जाटव के रूप में हुई। वहीं मृतिका के पुत्र सीताराम जाटव और सुरेन्द्र के बयानों में विरोधाभास मिलने पर दोनों से सख्ती से पूछताछ की गई।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि बिन्दाबाई और ओमप्रकाश शर्मा के बीच अवैध संबंध थे। इसी बात से नाराज होकर तथा ओमप्रकाश शर्मा की संपत्ति पर कब्जा करने की नीयत से उन्होंने अपने एक साथी के साथ मिलकर 18 जून की रात तीनों की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शवों को अलग-अलग कमरों में बंद कर ताले लगा दिए गए।
पुलिस ने मामले में सीताराम जाटव (32) और सुरेन्द्र जाटव (27) को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
गुना पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर अपराधों के प्रति उसकी शून्य सहनशीलता और वैज्ञानिक जांच प्रणाली की प्रभावशीलता को साबित किया है।






