डिजिटल ठगी के शिकार हुए तो घबराएं नहीं: 1930 पर तुरंत करें शिकायत, ऐसे वापस मिल सकता है आपका पैसा
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
21 जून 2026
नई दिल्ली। देश में डिजिटल लेनदेन तेजी से बढ़ने के साथ-साथ ऑनलाइन और साइबर ठगी के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कई लोग फर्जी कॉल, लिंक, यूपीआई फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम का शिकार होकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। हालांकि समय रहते सही कदम उठाए जाएं तो धोखाधड़ी में गया पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे ही डिजिटल धोखाधड़ी का पता चले, सबसे पहले संबंधित बैंक को इसकी सूचना दें ताकि खाते या ट्रांजेक्शन को तुरंत रोका जा सके। इसके बाद तत्काल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या साइबर पोर्टल पर शिकायत करें।
आरबीआई के नियमों के मुताबिक, यदि ग्राहक निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायत दर्ज कराता है, तो कई मामलों में ग्राहक की जिम्मेदारी शून्य मानी जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि धोखाधड़ी के बाद जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, पैसा रिकवर होने की संभावना उतनी अधिक रहेगी।
साइबर अपराध से बचने के लिए अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने और संदिग्ध कॉल पर निजी जानकारी देने से बचने की सलाह दी गई है।कुछ और हेडलाइन विकल्प:








