उज्जैन में नए वाकणकर पुल पर बड़ा विवाद: 35 डिग्री बदला एलाइनमेंट, 100 मीटर बढ़ी लंबाई; करोड़ों की लागत और पार्किंग पर उठे सवाल
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
रसूखदारों की जमीन बचाने के आरोप, ₹2.5 करोड़ की स्मार्ट सिटी पार्किंग भी आई जद में; विपक्ष ने उठाए भ्रष्टाचार के सवाल
द्वारका न्यूज़ | उज्जैन | 12 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश के उज्जैन में वाकणकर पुल के समानांतर बन रहे नए पुल को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुल का एलाइनमेंट (दिशा) कथित तौर पर 30 से 35 डिग्री तक बदला गया, जिससे पुल की लंबाई करीब 100 मीटर बढ़ गई। आरोप है कि यह बदलाव कुछ रसूखदारों की जमीन बचाने के लिए किया गया, जिससे सरकारी खजाने पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ा।
डिजाइन में बदलाव का असर स्मार्ट सिटी परियोजना पर भी पड़ा है। जिस स्थान पर नया पुल उतर रहा है, वहां पहले से लगभग ₹2.5 करोड़ की लागत से बनी पार्किंग मौजूद है। अब इस पार्किंग के भविष्य पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले को लेकर प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष ने इसे तकनीकी मानकों की अनदेखी और संभावित भ्रष्टाचार का मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं, यह विवाद भोपाल के चर्चित 90-डिग्री रेलवे ओवरब्रिज (ROB) मामले की याद भी दिला रहा है, जिसमें राज्य सरकार ने 8 PWD इंजीनियरों को निलंबित कर निर्माण एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट किया था।
उज्जैन के इस पुल परियोजना को लेकर अब एलाइनमेंट में बदलाव, बढ़ी लागत और सरकारी संसाधनों के उपयोग पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला प्रदेश की सबसे चर्चित इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल हो सकता है।






