उज्जैन में करणी सेना के दो गुट आमने-सामने, खूनी संघर्ष में प्रदेश उपाध्यक्ष समेत 2 की मौत; 3 गंभीर घायल
द्वारका न्यूज़ | प्रधान संपादक — विक्रम सिंह तोमर
29 अगस्त 2026

आधी रात ढाबे पर मचा हड़कंप, वाउज्जैन में करणी सेना के दो गुट आमने-सामने, खूनी संघर्ष में प्रदेश उपाध्यक्ष समेत 2 की मौत; 3 गंभीर घायलहनों में तोड़फोड़; झाड़ियों में मिला एक युवक का शव, पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश
उज्जैन, 29 अगस्त 2026।
उज्जैन के चिमनगंज थाना क्षेत्र में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना से जुड़े दो गुटों के बीच विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। देर रात हुए इस हिंसक घटनाक्रम में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को पुलिस ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद की वजह वर्चस्व या प्रॉपर्टी से जुड़ा मामला बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी विवाद की वास्तविक वजह की पुष्टि नहीं की है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है।
करणी सेना के पदाधिकारियों के बीच विवाद की चर्चा
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार विवाद में संगठन के पूर्व नगर अध्यक्ष शक्ति सिंह के साथ सोनू बंजारा, अर्पित और मोहन बन्ना सहित अन्य लोगों का नाम सामने आया है। दूसरी ओर संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल दरबार और ढाबा संचालक जितेंद्र पंवार के बीच भी विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
दो युवकों की मौत, तीन घायल
चिमनगंज थाना प्रभारी विवेक कनोडिया के अनुसार मृतकों की पहचान राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप (42), निवासी नीमनवासा, और जितेंद्र पंवार (35), निवासी उंडासा क्षेत्र के रूप में हुई है।
घायलों में शक्ति सिंह (32), निवासी पंवासा, श्रवण (45) निवासी देवीलाल और पप्पू जाट शामिल हैं। सभी का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
झाड़ियों में मिला जितेंद्र का शव
पुलिस घटनास्थल पर जांच कर रही थी, इसी दौरान ढाबे से कुछ दूरी पर झाड़ियों में एक युवक का शव मिला। जांच में उसकी पहचान उंडासा निवासी जितेंद्र पिता निर्भय सिंह पंवार के रूप में हुई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
ढाबे में तोड़फोड़, वाहनों को भी पहुंचाया नुकसान
घटनास्थल पर खड़े चारपहिया वाहनों और अन्य वाहनों में तोड़फोड़ के निशान मिले हैं। एक वाहन पर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष की प्लेट लगी होने की जानकारी सामने आई है। ढाबे के अंदर भी जमकर तोड़फोड़ की गई।
पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। ढाबे में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी पुलिस जांच का अहम हिस्सा है। फुटेज के आधार पर पुलिस घटनाक्रम में शामिल लोगों की पहचान और विवाद की शुरुआत का पता लगाने में जुटी है।
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी विवेक कनोडिया ने बताया कि मामले में अर्पित और मोहन सहित अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस संबंधित लोगों की पृष्ठभूमि और आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की शुरुआत किस बात को लेकर हुई, संघर्ष में कौन-कौन शामिल था और किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया।









