गुना जिला अस्पताल में 11 साल की बच्ची की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
1 सितंबर 2026

कीड़े के काटने के बाद अस्पताल लाई गई थी बच्ची, हालत बिगड़ने पर भोपाल रेफर किया; रेफर के दौरान मौत, नर्सों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शव रखकर प्रदर्शन
गुना। गुना जिला अस्पताल में मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को इलाज के दौरान 11 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हो गया। बच्ची की मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। मामले की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
जानकारी के अनुसार धरनावदा थाना क्षेत्र के महु गढ़ा गांव निवासी 11 वर्षीय बच्ची को किसी अज्ञात कीड़े ने काट लिया था। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे उपचार के लिए गुना जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद कई घंटों तक बच्ची का उपचार शुरू नहीं किया गया।
परिजनों के मुताबिक बाद में बच्ची को इंजेक्शन और ड्रिप लगाई गई। उनका आरोप है कि इसके बाद बच्ची की हालत और ज्यादा बिगड़ गई। शाम के समय स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल स्टाफ ने बच्ची को भोपाल रेफर करने की तैयारी की, लेकिन इसी दौरान करीब शाम 6 बजे बच्ची ने दम तोड़ दिया।
शव को जच्चा वार्ड के सामने रखकर प्रदर्शन
बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिजन और अन्य लोग आक्रोशित हो गए। परिजनों ने अस्पताल के वॉर्ड में हंगामा करते हुए नर्सिंग स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए। न्याय और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर बच्ची का शव जच्चा वार्ड के सामने रखकर प्रदर्शन किया गया।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और आक्रोशित परिजनों से बातचीत की। अधिकारियों ने मामले की जानकारी लेकर परिजनों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाने का प्रयास किया। हालांकि, बच्ची की मौत का वास्तविक कारण क्या था और इलाज में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जांच के बाद सामने आएगा मौत का वास्तविक कारण
फिलहाल परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय रिकॉर्ड और अस्पताल में दिए गए उपचार की जांच महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्ची की मौत बीमारी/कीड़े के काटने से उत्पन्न जटिलताओं के कारण हुई या उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही की भूमिका रही।
गुना जिला अस्पताल में 11 वर्षीय बच्ची की मौत के बाद उठा यह मामला अब अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था और उपचार प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर रहा है।









