काले कपड़ों में शिक्षकों का प्रदर्शन: पुरानी पेंशन बहाल करो, वरिष्ठता का सम्मान करो; TET और ई-अटेंडेंस से मुक्ति की उठी आवाज
द्वारका न्यूज़
प्रधान संपादक विक्रम सिंह तोमर
5 सितंबर 2026

शिक्षक दिवस पर ‘शासकीय सेवक सेतु भारत’ ने सरकार तक पहुंचाई मांगें, वर्षों की सेवा को नजरअंदाज करने पर जताया आक्रोश
TET और ई-अटेंडेंस वापस लेने की मांग, ‘शासकीय सेवक सेतु भारत’ के बैनर तले शांतिपूर्ण प्रदर्शन
गुना। शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनोखे और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराया। शासकीय सेवक सेतु भारत से जुड़े शिक्षकों ने काले कपड़े एवं काली पट्टी पहनकर सरकार के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाल करने, वरिष्ठता का सम्मान एवं बहाली करने, TET परीक्षा से मुक्ति और ई-अटेंडेंस व्यवस्था वापस लेने की मांग उठाई।
शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सरकारी सेवा में योगदान देने वाले कर्मचारियों के भविष्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों पर सरकार को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। पुरानी पेंशन व्यवस्था को लेकर शिक्षकों ने कहा कि शासकीय सेवक अपना पूरा सेवाकाल सरकार और समाज को समर्पित करते हैं, ऐसे में बुढ़ापे में सम्मानजनक जीवन के लिए पुरानी पेंशन की बहाली जरूरी है।
अनुभव और योग्यता का सम्मान जरूरी
शिक्षकों ने TET परीक्षा को लेकर भी विरोध जताया। उनका कहना है कि वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अनुभव, योग्यता और सेवाकाल को महत्व दिया जाना चाहिए। लंबे सेवाकाल के बाद दोबारा परीक्षा की व्यवस्था को शिक्षक अपने आत्मसम्मान से जोड़कर देख रहे हैं।
1998 से सेवा, लेकिन 2018 से नई नियुक्ति का विरोध
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि 1998 से लगातार सेवाएं देने वाले शिक्षकों को वर्ष 2018 से नवीन नियुक्ति माना गया, जिससे उनकी पूर्व सेवा और वरिष्ठता प्रभावित हुई है। शिक्षकों का कहना है कि उनकी पुरानी सेवा को शून्य मानने वाली व्यवस्था से शिक्षक समुदाय में गहरा आक्रोश है।
काले वस्त्र पहनकर किए गए इस सांकेतिक प्रदर्शन के माध्यम से शिक्षकों ने सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाते हुए पुरानी पेंशन बहाली, वरिष्ठता बहाली, TET से मुक्ति और ई-अटेंडेंस व्यवस्था समाप्त करने की अपील की। शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षक हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी।









